बरनावा का सर्वेक्षण करते शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक अमित राय जैन (फाइल फोटो )
बागपत में शहजाद राय शोध संस्थान की पहल और मांग पर केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधीन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग उत्खनन शाखा द्वितीय और भारतीय पुरातत्व संस्थान, लाल किला की संयुक्त टीम ने बरनावा के लाक्षा गृह टीले की उत्खनन की मंजूरी दे दी।
संस्थान के निदेशक अमित राय जैन ने बताया कि दिल्ली स्थित कार्यालय से इस बाबत उनके पास आधिकारिक सूचना प्राप्त हो चुकी है। सिंधु सभ्यता कालीन, शवाधान केंद्र सिनौली के बाद यह दूसरा मौका जनपद बागपत को मिला है कि यहां बड़े पैमाने पर करीब वर्ष भर उत्खनन का कार्य किया जाएगा।
सन 2005 में शहजाद राय शोध संस्थान के इतिहासकारों के प्रयासों से सिनौली और वर्ष 2015 में चंदायन गांव में उत्खनन कार्य केंद्र सरकार करा चुकी है। अब लगातार चल रहे सर्वेक्षणों और शोध कार्यों की समीक्षा के बाद केंद्र सरकार मन बना चुकी है महाभारत की गुत्थियां जो कि बरनावा गांव की भूमि में हैं, उनको खोदकर बाहर निकाला जाए और विश्व को अपने समृद्ध शाली इतिहास के बारे में बताया जा सके। बरनावा टीला पूर्व ही संरक्षित गुफा की लिस्ट में शामिल है। बरनावा टीले पर 22 बार शोध संस्थान के शोधार्थी और इतिहासकारों की टीम सर्वेक्षण पूर्व में कर चुकी है। यहां से चित्रित घूसर मृदभांड संस्कृति, कुषान, गुप्त और राजपूत सभ्यता के प्रमाण पहले से प्राप्त हुए हैं। उत्खनन करने वाली टीम में शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक अमित राय जैन, शोध निदेशक डॉ. कृष्णकांत शर्मा समन्वयक के रूप में नवंबर माह में कार्य शुरू करेंगे।
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