कॉलेजों में ऑनर्स कोर्स लेने को करें आवेदन
मेरठ। सीसीएसयू कैंपस में संचालित बीए-बीएससी और बीकॉम जैसे ऑनर्स कोर्स अब कॉलेज में चलाए जा सकते हैं। मंगलवार को कैंपस में हुई कार्य परिषद की बैठक में इस निर्णय पर मुहर लगा दी गई है। कॉलेज इन कोर्सों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा कैंपस में शिक्षकों की नियुक्ति में रोस्टर प्रणाली आरक्षण लागू हो गया है। सेल्फ फाइनेंस विभाग में भी अब रोस्टर प्रणाली के हिसाब से आरक्षण लागू होकर नियुक्तियों होंगी। इसके साथ ही विवि में संविदा पर कार्यरत शिक्षकों को एक साल में 10 ड्यूटी लीव और 10 कैजुअल लीव दिए जाने पर भी मुहर लग गई है।
कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक मंगलवार को कैंपस में हुई। जिसमें छह छात्र-छात्राओं की शोध उपाधि पर मुहर लगा दी गई। विवि में शिक्षकों की रिक्त सीटों पर रोस्टर प्रणाली के हिसाब से आरक्षण को हरी झंडी दी गई। रोस्टर प्रणाली में अंग्रेजी को उर्दू के बाद रखा गया है। सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में भी नियुक्ति रोस्टर के तहत आरक्षण से होगी। विवि के गोपनीय विभाग में क्लर्क अरविंद शर्मा की मृत्यु होने पर अनुकंपा के आधार पर उनकी पत्नी को नौकरी की संस्तुति की गई। सर छोटूराम इंजीनियरिंग में कार्यरत डॉ. सबिस्ता अंजुम का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया। कैंपस में टीचिंग असिस्टेंट को 10 ड्यूटी लीव एवं 10 कैजुअल लीव दिए जाने पर निर्णय हुआ। लेकिन यह छुट्टियां एक साथ दो नहीं ली जा सकेंगी।
चर्चा हुई कि कैंपस में संचालित बीएससी कंप्यूटर साइंस ऑॅनर्स, बीएससी केमिस्ट्री ऑनर्स, बीए-इकोनॉमिक्स ऑनर्स और बीए-हिंदी ऑनर्स इच्छुक कॉलेज भी अपने यहां चला सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन वह आवेदन कर संबद्धता ले सकते हैं। इससे सीसीएसयू के क्षेत्र में मेरठ के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर जिले के छात्र-छात्राएं भी इन कोर्सों को कर सकेंगे।
- नैक निरीक्षण कराने वाले कॉलेजों को ही मिलेगी संबद्धता
नए कॉलेजों की संबद्धता को तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। 10 जनवरी तक नए कॉलेजों के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। जिन कॉलेजों को संबद्धता दिए हुए पांच साल हो चुके हैं, उनको दोबारा से संबद्धता नैक निरीक्षण कराए जाने के बाद ही मिलेगी। अगर ये कॉलेज नैक निरीक्षण नहीं कराते हैं तो फिर इनका संबद्धता विस्तार नहीं किया जाएगा।
- ये रहे मौजूद
कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार तनेजा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रति कुलपति प्रोफेसर वाई. विमला, वित्त अधिकारी सुशील गुप्ता, रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद सदस्य डॉ. दर्शन लाल अरोड़ा, डॉ. अरुण कुमार सिंह, डॉ. हरेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. जयमाला, डॉ. सुदीप कुमार बेदार, प्रो. नवीन चंद्र लोहानी, प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. वीरपाल, डा. संजय कुमार, प्रो. आलोक कुमार, प्रो. रविंद्र कुमार, डॉ. चमन लाल, डॉ. रेखा तिवारी और प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र गुप्ता मौजूद रहे।
- मनमानी फीस की नहीं होगी वसूली
विवि से संबद्ध कॉलेजों में छात्र-छात्राओं से ली जा रही मनमानी फीस के मामले में ऐसा करने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। इस मामले में गाजियाबाद के चार कॉलेजों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका डाली गई है। तय हुआ कि निर्धारित फीस ही कॉलेज ले सकेंगे। इसके अलावा पूर्व कुलसचिव दीपचंद्र द्वारा फीस को लेकर लिए गए निर्णय की निंदा की गई। इस पर तीन सदस्यीय समिति का गठन करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस मामले में पूर्व कुलसचिव ने कॉलेजों की फीस के अलावा दूसरे संसाधनोें जैसे लैपटॉप, ड्रेस आदि को भी शामिल कर लिया था।