दस सितंबर तक होंगे ऑनलाइन पंजीकरण, अवमुक्त श्रेणी के अभ्यर्थी कर सकेंगे आवेदन
साक्षात्कार में 12 अंक पाना अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में विभिन्न विषयों में पीएचडी प्रवेश के लिए 27 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। विश्वविद्यालय शोध अध्यादेश-2022 के तहत इस चरण में केवल अवमुक्त श्रेणी के अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर दिया गया है। अभ्यर्थी 10 सितंबर 2026 तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट ccsudor.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे।
सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 2500 रुपये और एससी, एसटी व दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 1500 रुपये निर्धारित किया गया है। संबंधित विषय में परास्नातक उपाधि होना जरूरी है। सामान्य अभ्यर्थियों के लिए परास्नातक में न्यूनतम 55 प्रतिशत और आरक्षित समेत निर्धारित अन्य श्रेणियों के लिए पांच प्रतिशत छूट के साथ 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं।
इन अभ्यर्थियों को मिलेगा मौका
यूजीसी, सीएसआईआर या आईसीएआर नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थी, विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एमफिल डिग्री प्राप्त अभ्यर्थी, गेट में कम से कम 65 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले और यूजीसी नेट में पीएचडी प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। शिक्षा संकाय में पीएचडी (शिक्षा) के लिए केवल बीए/एमए (शिक्षाशास्त्र) उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र नहीं होंगे।
साक्षात्कार में 12 अंक जरूरी
अभ्यर्थियों को आरएसी के समक्ष 30 अंकों के साक्षात्कार में शामिल होना होगा। इसमें 12 या अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी ही प्रवेश के पात्र होंगे। 11 या उससे कम अंक पाने वाले अभ्यर्थी प्रवेश के लिए अयोग्य माने जाएंगे। जेआरएफ अभ्यर्थियों को अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों से पहले प्रवेश दिया जाएगा।
रसायन विज्ञान में सबसे अधिक 283 सीटें
विश्वविद्यालय ने विभिन्न विषयों में पीएचडी की रिक्त सीटों का विवरण भी जारी किया है। इनमें कृषि रसायन में 18, कृषि अर्थशास्त्र 16, एग्रोनॉमी 12, प्लांट पैथोलॉजी 20, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग 23, हॉर्टिकल्चर नौ, वाणिज्य 10, विधि 12, शारीरिक शिक्षा 10, शिक्षा 13, अंग्रेजी 10, अर्थशास्त्र 10, भूगोल पांच, हिंदी 10, इतिहास 10, मनोविज्ञान 10, राजनीति विज्ञान 10, समाजशास्त्र 10, संस्कृत पांच और दर्शनशास्त्र में एक सीट है। वहीं वनस्पति विज्ञान में 101, रसायन विज्ञान में 283, गणित में 91, भौतिकी में 139 और जूलॉजी में 124 सीटें हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि रिक्त सीटों की संख्या अंतिम नहीं है और इसमें भविष्य में बदलाव किया जा सकता है।