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अब पंजीकरण शुल्क वापस लेने को भटक रहे आवेदक

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मेरठ। सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद लोगों के जी का जंजाल बन गई है। पहले तो अचानक आवास विकास ने दरें बढ़ाकर झटका दिया। अब पंजीकरण शुल्क न आने के कारण लोग आवास-विकास के चक्कर काट रहे हैं।
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आवास-विकास की तरफ से जागृति विहार विस्तार योजना में प्रधानमंत्री आवास को बनाया जा रहा है। इसमें 144 मकानों का पंजीकरण खोला गया था, जिसमें हजारों लोगों ने आवेदन किया था। इसमें से 300 ऑफलाइन और 55 ऑनलाइन आवेदनों के पंजीकरण शुल्क की धनराशि को लौटाने के लिए पत्र लिखा गया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो सका है। मंगलवार को शास्त्रीनगर निवासी सुनील शर्मा संपत्ति अधिकारी से अपना पंजीकरण शुल्क वापस लेने पहुंचे। संपत्ति अधिकारी ने उन्हें शासन से पैसा आने के बाद ही उनके खाते में पहुंचाने के लिए आश्वस्त किया। प्रेस कर गुजारा करने वाली शास्त्रीनगर निवासी पुष्पा भी बहुत परेशान है। उनका कहना है कि पहले तो मकानों के पैसे बढ़ा दिए और अब हमारे पांच हजार रुपये वापस नहीं आ रहे हैं।
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