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अपराजिता: छात्राओं ने एक्सपर्ट्स से जाना, बिना तनाव के कैसे करें परीक्षाओं की तैयारी, पढ़ें ये टिप्स

Thu, 17 Jan 2019 06:22 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स
अमर उजाला के अभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत बुधवार को आरजी इंटर कॉलेज में एग्जाम काउंसलिंग सेशन का आयोजन हुआ। सीबीएसई काउंसलर व मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम देवदत्त एवं प्यारे लाल शर्मा जिला अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. विभा नागर ने छात्राओं को तनाव रहित परीक्षा देने के टिप्स दिए।

दसवीं व बारहवीं कक्षा की छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए। इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. रजनी रानी शंखधार ने वक्ताओं का स्वागत किया। सभी ने अपराजिता के तहत नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने की शपथ ली। 

लक्ष्य बनाकर करें पढ़ाई
डॉ. पूमन देवदत्त ने कहा कि जब तक पढ़ाई का लक्ष्य तय नहीं होगा तब तक हम आगे नहीं बढ़ सकते। समय का सदुपयोग करें, किताबों से डरें नहीं। अच्छे अंक लाने हैं तो मेहनत से पढ़ाई करें। जो भी पढ़ें उसे तीन भागों में बांट लें। प्वांइट्स बनाकर पढ़ाई करें। अब नई किताबों को बिल्कुल न पढ़ें। 
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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स
तनाव मुक्त रहें 
डॉ. विभा नागर ने छात्राओं को बताया कि अक्सर परीक्षा के दौरान मन न लगना, भूल जाना, बाहर घूमने का मन करना जैसी चीजें दिमाग में चलती हैं। इन सभी को भूलकर पढ़ाई में मन लगाएं। तनाव मुक्त रहकर अपना लक्ष्य पूरा करें। परीक्षा में असफलता का प्रमुख कारण भय है। इस भय को अपने मन से दूर करें। 

तैयारी में इन बातों का रखें ख्याल

 -प्वाइंट्स बनाकर याद करें
 -परीक्षा से ठीक पहले नए विषय न पढे़ं।
 -सामाजिक दबाव को नजरअंदाज़ कर अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें।
 -बिना डरे, बिना घबराए पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें।
 -जो पढ़ा है उसका लगातार रिविजन करते रहें।
 -रात में कॉफी, चाय के बजाय दूध पीएं।
 -पढ़ाई को बोझ न समझें बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें।
 -परीक्षा में समय से नींद लें और समय पर उठें।
 -परीक्षा के दौरान हल्का खाना खाएं।
 -सोशल मीडिया से रहें दूर।
 -टीवी और फोन का कम से कम से इस्तेमाल करें। 
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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स
डॉ. पूनम देवदत्त ने दिए इन सवालों के जवाब
सवाल- मैं जो भी याद करती हूं भूल जाती हूं? रवाब जे़हरा
जवाब- कंफ्यूजन और डर के कारण ऐसा होता है कि हम जो भी याद करते हैं थोड़ी देर बाद लगता है कि भूल गए। इसलिए डर और कंफ्यूजन को एकदम खत्म करें ध्यान केंद्रित कर पढ़ाई करें। 

सवाल- पढ़ते समय बार-बार घूमने की इच्छा करती है?   - करीना
जवाब- पढ़ाई को सिस्टमेटिक बनाएं। जिन विषयों को पढ़ने में मन नहीं लगता उन विषयों से पढ़ाई शुरू करें, जब बोरियत हो या घूमने का मन करे तो रुचिकर विषय पढ़ें।

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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स
सवाल- पढ़ते वक्त मुझे बहुत ज्यादा भूख लगती है? - ज़ेहरा  फातिमा
जवाब- यह एक साइकलॉजी है कि हम पढ़ते हैं तो भूख ज्यादा लगती है। भारी खाना या जंक फूड की बजाय हल्का  भोजन लें।

सवाल- पेपर को सॉल्व कैसे करें यह नहीं समझ पाती? कीर्ति मिश्रा
जवाब- पेपर मिले तो एक बार उसे पढ़ लें। इससे आप सभी सवालों को समझ जाएंगे। जो सवाल आते हैं उन्हें पहले हल करती जाएं, बाद में वो सवाल करें जिनके उत्तर में कं फ्यूजन है।
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सवाल- डर लगता है नंबर कम आए तो क्या करुंगी? - अदीबा सुल्तान
जवाब- अभी से नंबर कम आने की सोच अच्छी नही हैं। नकारात्मक सोच से बाहर आएं, जो लोग मोरल डाउन करने की बातें करें उनसे दूर रहें और पढ़ाई करें।

सवाल- सुबह जल्दी उठकर नहीं पढ़ पाती? - अंशिका वंशवाल
जवाब- लोग कहते हैं कि सुबह जल्दी उठकर या देर रात जगकर पढ़ने से अच्छी पढ़ाई होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। आप दिन में पढ़ें, जब कंफर्ट महसूस हो तब पढ़ें। 
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सवाल- एक जगह बैठकर पढ़ाई नहीं कर पाती?      - रोजी 
जवाब- पढ़ाई भी एक ही स्थान पर चिपककर पढ़ने से नहीं होती। घूमकर-घूमकर पढ़ाई करें। लेटकर पढ़ने से हमेशा बचें। कुर्सी पर बैठकर पढ़ना अच्छा होता है। 

सवाल- कितना भी पढ़ लूं, लेकिन सहेली की पढ़ाई देखकर लगता है मैं कुछ नहीं पढ़ रही? - यशस्वी
जवाब- ऐसा होता है कि दूसरे को देखकर हमें अपनी मेहनत कम लगती है। इससे डरने की या निगेटिव सोच बनाने की जरुरत नहीं हैं।
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