कहते हैं शिक्षा हासिल करने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं होता है। इसे सच कर दिखाया है निरपुड़ा की प्रधान मुनेश देवी ने, जिन्होंने 42 साल बाद अपनी अधूरी शिक्षा को पूरा करने का बीड़ा उठाया और प्रथम श्रेणी में हाईस्कूल परीक्षा पास की। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत आज हम आपको रुबरू करा रहे हैं सैंकड़ों महिलाओं की प्रेरणा बनीं मुनेश देवी से:-
मुनेश घरेलू कार्यों में व्यस्त रहने वाली महिलाओं को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की जिंदा मिसाल बनी हैं। अब वह कक्षा 11 की छात्रा हैं और स्नातक करना चाहती हैं। प्रतिदिन गांव में शिक्षा का प्रचार करती हैं और दूसरी महिलाओं को शिक्षित होने के लिए प्रेरित कर रही हैं।