छात्रा के दांतों की जांच करते डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। जैसे अन्य बीमारियों में डॉक्टर के पास जाते हैं, ठीक उसी तरह दांतों की समस्या होने पर भी तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। संचालन प्राचार्य डॉ. आरके जैन ने किया। शिक्षिका सविता राठौर, टीना जैन, प्रवेश, गीता, मेघा, शिवानी रानी, कनिका और किरण मौजूद रहीं।
ये दिए गए सुझाव
डॉक्टर ने बताया कि मुंह में पेंसिल रखना, रबड़ चबाना, बर्फ चबाना या रात में सोते हुए दांतों को कटकटाने से दांत कमजोर हो सकते हैं। इन आदतों को छोड़ देना चाहिए। तंबाकू या किसी भी तरह के नशे से दांतों को नुकसान पहुंचता है। दांतों की नियमित सफाई करनी चाहिए। खासकर मीठा खाने के बाद। सुबह शाम नियमित ब्रश करना चाहिए। विटामिन सी और विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में लेना चाहिए। चिपकने वाली चीजें खाने से मसूड़ों में सड़न होने लगती है। क्रीम बिस्किट, चिप्स, जंक फूड खाने से परहेज करना चाहिए। ब्रश धीरे-धीरे करें और तीन चार माह बाद ब्रश बदल लें। छात्रा शिवानी, रीतू, अदिति, रूपल जैन, शालू, नेहा धामा, निकिता, अंकिता, अनुराधा, शालू धामा, ज्योति, वर्षा, पूजा यादव, रितु और अर्चना सैनी ने सवाल पूछे।
योग करें, व्यायाम को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा
फिजीशियन डॉ. जगपाल तेवतिया ने छात्राओं को बेहतर जीवन शैली के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योग और व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। वायरल, डेंगू, टाइफाइड से बचने के लिए सावधानियां बरतें।
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