प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया सम्मानित, प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में चल रहे एंटी रैगिंग सप्ताह का सोमवार को समापन हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से छात्रों ने हाथों में बैनर लेकर जागरूकता रैली निकाली। यह रैली मुख्य द्वार से होते हुए सभी छात्रावासों, विभागों तथा प्रशासनिक भवनों से गुजरती हुई कुलपति कार्यालय तक पहुंची और शिक्षा विभाग पर जाकर समाप्त हुई।
प्रो. भूपेंद्र सिंह (छात्र कल्याण अधिष्ठाता) ने कहा कि रैगिंग जैसी प्रवृत्तियां विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। परिसर को सकारात्मक और सुरक्षित बनाए रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि रैगिंग करना न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि यह मानवीय मूल्यों के भी विपरीत है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे मित्रवत व्यवहार करें और किसी भी अनुचित गतिविधि की तुरंत सूचना दें। प्रो. राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य व्यक्तित्व निर्माण है, न कि किसी को मानसिक या शारीरिक कष्ट पहुंचाना। विश्वविद्यालय रैगिंग-मुक्त कैंपस के लिए कृतसंकल्प है और इसके लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
डॉ. प्रदीप चौधरी ने कहा कि नए छात्रों को सम्मान और पारिवारिक माहौल देना वरिष्ठ छात्रों का प्रमुख कर्तव्य है। रैगिंग रोकने के लिए आपसी सहयोग और संवाद आवश्यक है। इस अवसर पर डॉ अनिल कुमार यादव, डॉ. जितेंद्र कुमार गोयल, डॉ विवेक नौटियाल, डॉ. विजेता गौतम और अंशु अग्रवाल, मितेंद्र कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. भूपेंद्र सिंह ने की। चीफ वार्डन प्रो. दिनेश कुमार, डीन एजुकेशन प्रो. राकेश कुमार शर्मा, डॉ. प्रदीप चौधरी, डॉ. सचिन कुमार और डॉ. योगेंद्र गौतम ने छात्रों को संबोधित किया और रैगिंग के विरुद्ध अपने विचार रखे।
प्रतियोगिताओं में विजेताओं का सम्मान
एंटी रैगिंग सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुनेश कुमार ने किया।