जानीखुर्द (मेरठ)। एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल हारुन को गांव टिमकिया के किसान से चकरोड की पैमाइश के नाम पर साढ़े चार हजार रुपये की रिश्वत लेते मौके से गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन के निरीक्षक ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ घटना की रिपोर्ट जानी थाने में दर्ज कराई है। एसडीएम सदर कमल किशोर देश भूषण कंडारकर ने लेखपाल को निलंबित कर दिया है।
जानी थाना पर 14 दिसंबर को थाना दिवस पर गांव टिमकिया के किसान कृष्णपाल ने अपनी चकरोड पैमाइश के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। कृष्णपाल के अनुसार उनके क्षेत्र के लेखपाल हारुन ने इसके लिए उनसे पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। कृष्णपाल के अनुसार, लेखपाल उनके खेत की जमीन के बराबर की चकरोड कटवाकर उनके पड़ोसी किसान की जमीन को बढ़वा रहा था। उनकी चकरोड की पैमाइश कराकर पूरी करने के लिए लेखपाल ने उनसे पांच हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। उन्होंने लेखपाल हारुन को 500 रुपये दे दिए थे। बाकी साढ़े चार हजार रुपये बाद में देने की बात तय हो गई थी।
कृष्णपाल ने रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन प्रभारी दुर्गेश से की। एंटी करप्शन की टीम तैयारी में लग गई। मंगलवार सुबह कृष्णपाल के पास लेखपाल का फोन आया। बाकी रुपये के लिए हारुन ने कृष्णपाल को पांच बजे मेरठ-बागपत मार्ग पर स्थित टिमकिया कोठी पर बुलाया। इसकी सूचना कृष्णपाल ने एंटी करप्शन टीम को दी। योजना के अनुसार एंटी करप्शन की टीम पहले ही तय स्थान के आसपास पहुंच गई। लेखपाल अपनी कार से कृष्णपाल के पास पहुंचा और रुपये ले लिए। एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत के रुपये सहित लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन निरीक्षक कैलाश चंद्र की ओर से लेखपाल हारुन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी वर्तमान में किशनपुर बराल, जिला बागपत में रह रहा है। वह मूलरूप से दिल्ली के मुस्तफाबाद का रहने वाला है।