भावनपुर निवासी रिंकू अधाना ने बताया कि उनके खेत की पैमाइश होनी थी। एसडीएम ने तीन महीने पहले पैमाइश के आदेश कर दिए थे। सदर तहसील में लेखपाल संदीप यादव को पैमाइश करनी थी। वह लगातार इस काम को टालता आ रहा था।
बताया गया कि आठ दिन पहले लेखपाल ने रिंकू से कहा कि 20 हजार रुपये देने होंगे नहीं तो पैमाइश नहीं हो पाएगी। परेशान रिंकू ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ऑफिस में की तो टीम ने जाल बिछा दिया। उन्होंने रिंकू से कहा कि संदीप से रिश्वत देने की बात कर ले। रिंकू ने लेखपाल से रिश्वत के लिए हामी भर दी।
वहीं, बृहस्पतिवार को लेखपाल संदीप ने रिंकू को तहसील में पांच हजार रुपये लेकर बुला लिया। एंटी करप्शन टीम ने रिंकू को पाउडर लगे पांच हजार रुपये दे दिए। रिंकू ने तहसील कार्यालय में पहुंचकर संदीप को वही नोट दे दिए। संदीप ने रुपये रखे तो एंटी करप्शन की टीम ने उसे मौके पर पकड़कर रिश्वत के पांच हजार रुपये बरामद कर लिए। तहसील में हुई इस कार्रवाई से सारे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
यह भी पढ़ें: देवबंद: एटीएस ने एक संदिग्ध उठाया, टीम को मिले अहम सबूत, पूछताछ में खुल सकते हैं बड़े राज