सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित चौहान हत्याकांड
सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित चौहान हत्याकांड का दो साल बाद खुलासा करने वाली एसटीएफ और सीबीआई के लिए इस केस में ठोस सुबूत जुटाना बड़ी चुनौती होगी। इस केस के खुलासे का एकमात्र आधार अंकित की फॉर्च्यूनर गाड़ी लूटने की कोशिश और विरोध में अंकित की हत्या होना बताया गया। शास्त्री कॉलोनी कंकरखेड़ा मेरठ निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित चौहान की 13 अप्रैल 2015 को नोएडा के सेक्टर 76 में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
कमजोर कड़ी
वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित के अनुसार अहम बिंदु इस खुलासे की कहानी को कमजोर कर रहे हैं। जिनके सहारे ही आरोपियों पर दोष सिद्ध हो पाएगा। खुलासे के दौरान एसटीएफ और सीबीआई ने कहा कि अंकित की हत्या तीसरे आरोपी पंकज की लाइसेंसी रिवाल्वर से शशांक ने गोली मारकर की थी। अभी रिवाल्वर बरामद नहीं हुई है। मौका-ए-वारदात के साथ अंकित के साथ उनका दोस्त गगन ही था। जो इस केस का चश्मदीद गवाह है। खुलासे के दौरान सीबीआई और एसटीएफ ने नहीं बताया कि चश्मदीद ने आरोपियों को पहचाना या नहीं। संभवतः पुलिस के पास ऐसा कोई मौके का फुटेज नहीं था जिसमें किसी हत्यारोपी का चेहरा साफ आया हो। खुलासे के दौरान अंकित, गगन और आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) के बारे में भी नहीं बताया गया।