सुपारी देने वाले अंजलि के करीबी थे और उन्होंने एक लाख रुपया एडवांस में दे दिया था। शूटरों को पैसा मैंने ही दिया था। अंजलि के करीबियों पर भी हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। यह बात सुनकर सीओ हैरान रह गईं और बोली तुम्हारे पास क्या सुबूत हैं। आरोपी ने कॉल रिकॉर्डिंग सहित कई सुबूत सीओ को दिए।
हत्यारोपी के इस खुलासे से पुलिस पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। हत्यारोपी ने अब अंजलि के करीबियों को फंसाने की पटकथा रची है या फिर सही खुलासा किया है, इसकी पता जांच के बाद ही लगेगा। इस प्रकरण में तत्कालीन सीओ ब्रह्मपुरी, तत्कालीन इंस्पेक्टर टीपीनगर सहित विवेचक की जांच हो सकती है।
सात जुलाई को हुई थी अंजलि की हत्या
मामला सात जुलाई 2023 का है। टीपीनगर थानाक्षेत्र के उमेश विहार में सुबह साढ़े छह बजे एडवोकेट डॉ. अंजलि गर्ग की उसके मकान के गेट पर दो अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अंजलि दूध लेकर घर लौट रही थीं।
प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद को लेकर पुलिस ने अंजलि की सास सरला गुप्ता, ससुर पवन गुप्ता और पति नितिन गुप्ता को गिरफ्तार किया था। जांच में ये चीजें साबित नहीं हुईं, बाद में इन्हें क्लीनचिट देकर छोड़ दिया था। अंजलि की हत्या सुपारी देकर होने की बात पुलिस की जांच में सामने आई थी।
नीरज शर्मा सहित चार आरोपी हुए थे गिरफ्तार
पुलिस की जांच में सामने आया था कि अंजलि की हत्या के साजिशकर्ता यशपाल, सुरेश भाटी और नीरज शर्मा थे। शूटर अनुज उर्फ मनिहार था। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। नीरज ने भाड़े के शूटर उपलब्ध कराए थे। दोनों शूटर हत्या के एक दिन पहले नीरज के घर रुके थे। इनके कब्जे से दो स्कूटी और तमंचा भी बरामद हुआ था। आरोपी नीरज 26 फरवरी 2024 को जेल से जमानत पर बाहर आया। थाने की पुलिस से कई बार उसने संपर्क करने की बात कही है।
साजिश या फिर हकीकत
हत्यारोपी की मानें तो अंजलि की हत्या में 20 लाख की सुपारी और पांच दुकानें देना तय हुआ था। जमानत के आठ महीने बाद हत्यारोपी ने अंजलि के करीबियों पर सुपारी देकर हत्या कराने का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी शातिर है और झूठी कहानी बना सकता है। अंजलि के करीबियों के खिलाफ साजिश करना या उनको ब्लैकमेल करने की योजना भी हो सकती है।
मामला गंभीर है। हत्यारोपी का पुलिस के पास आना और अंजलि के करीबियों पर सुपारी देकर उसकी हत्या कराने का आरोप साजिश का हिस्सा हो सकती है। इस प्रकरण में चार्जशीट लग चुकी है। आरोपी ने फुटेज और मोबाइल की ऑडियो दी है। इसकी जांच करने के लिए सीओ ब्रह्मपुरी को लगाया है। इस प्रकरण में अगर कोई दोषी होगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। - विपिन ताड़ा, एसएसपी