बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर बुढ़ाना के कुरथल गांव में हुई विनोद की हत्या के मामले में अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया। तीन दोषियों को आजीवन कारावास के साथ जुर्माना की सजा सुनाई है, जबकि दो लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
गांव कुरथल निवासी सतपाल सिंह ने एक जून 2014 को बुढ़ाना कोतवाली पर मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका पुत्र विनोद उर्फ मुखिया (25) गायब हो गया, जिसकी लाश छह जून को उसके चाचा जयपाल सिंह के नलकूप के कुएं से बरामद हुई। इस मुकदमे में अरविंद पुत्र विजयपाल, प्रमोद पुत्र रामअवतार, मोनू पुत्र सुखपाल, शैंकी उर्फ हर्षवर्धन पुत्र बिजेंद्र तथा प्रवीण पुत्र रंजीत को आरोपी बनाया गया था। हत्या का कारण आरोपी द्वारा उसकी चचेरी बहन अनीता के साथ छेड़छाड़ का विरोध करना बताया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे राजेश भारद्वाज की कोर्ट संख्या- 15 में हुई। एडीजीसी योगेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में छह गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त प्रमोद, शैंकी और प्रवीण को हत्या कर लाश छुपाने का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। धारा 201 के तहत तीन वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सह अभियुक्त अरविंद और मोनू को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
छेड़छाड़ को लेकर उपजी आपराधिक मानसिकता की वजह से बुढ़ाना के कुरथल गांव में दोषियों ने दो हत्याएं कर दी थी। क्रूरता की हद यह थी कि चार दिन के अंतराल पर पहले तहेरे भाई विनोद की हत्या की गई, फिर चचेरी बहन अनीता का अपहरण कर गलाघोंट दिया गया। हत्यारे तभी से जेल की सलाखों के पीछे हैं।
बुढ़ाना कोतवाली के गांव कुरथल का यह मामला जुर्म की इंतहा का उदाहरण है। छेड़छाड़ के मामले में परिवार के भाई और बहन को बेरहमी से मार दिया गया। 28 मई 2014 को जयपाल सिंह की बेटी अनीता खेत से लौट रही थी। रास्ते में गांव के ही युवकों ने उससे अभद्रता की। तहेरे भाई विनोद ने जब बहन के साथ हुई घटना का विरोध किया तो युवकों ने जान से मारने की धमकी दी। एक जून को विनोद की हत्या कर उसके शव को चाचा के नलकूप में ही डाल दिया। अपराधियों का बेखौफ रुख इतने पर भी शांत नहीं हुआ। चार दिन बाद 4 जून को उन्होंने अनीता का अपहरण कर लिया। तीन दिन बाद 7 जून को गांव के जंगल में उसकी क्षत विक्षत लाश मिली। पुलिस की जांच में अनीता की गलाघोंट कर हत्या करना पाया गया। कोर्ट से हत्यारों को उम्र कैद की सजा सुनाए जाने के बाद विनोद के पिता सतपाल सिंह और अनीता के पिता जयपाल सिंह ने कहा कि दोषियों को इस जुर्म में फांसी दी जानी चाहिए थी। फांसी की सजा के लिए वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
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