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आक्रोशित वकीलों का एसएसपी ऑफिस पर हंगामा

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अधिवक्ता मुकेश शर्मा के हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसएसपी से वार्ता करते अधिवक्ता।
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आक्रोशित वकीलों का एसएसपी ऑफिस पर हंगामा
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मेरठ। अधिवक्ता मुकेश शर्मा की हत्या में नामजद तीनों हत्यारोपियों पर एसएसपी ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। हत्यारोपियों की घेराबंदी के लिए उनके मकान की कुर्की लेने की पुलिस ने तैयारी कर ली है। आरोपियों की तलाश में कई जगह पर दबिश दी गई, लेकिन सुराग नहीं लगा। मुख्य आरोपी और शूटर की गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ताओं ने एसएसपी ऑफिस पर हंगामा किया।
मेडिकल क्षेत्र के कमालपुर गांव निवासी अधिवक्ता मुकेश शर्मा की शुक्रवार को गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने नामजद चार आरोपियों नौशाद, जुबैर, ओमकार उर्फ अभिषेक व योगेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया। जबकि नामजद मुख्य आरोपी नासिर, फैसल और नारायण शर्मा अभी फरार हैं। तीनों की गिरफ्तारी न होने पर मुकेश शर्मा की बेटियों को जान का खतरा बना है। एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि फरार तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम किया गया है। उनकी तलाश में थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम लगी हैं। आरोपियों के मकान का कुर्की वारंट भी जल्द लिया जाएगा। वारदात के बाद से उनके मोबाइल बंद हैं। अलग अलग कई लोकेशन मिली थीं। वहां पुलिस ने दबिश दी, लेकिन आरोपी हत्थे नहीं चढ़े।
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परिवार में ही चल रही खींचतान
नामजद आरोपी ओमकार उर्फ अभिषेक को लेकर परिवार के लोगों में खींचतान चल रही है। ओमकार के पिता देवेंद्र शर्मा की सन् 1999 में हत्या हुई थी। अधिवक्ता मुकेश शर्मा ने ही ओमकार की परवरिश की। मुकेश की आठ बेटियां हैं। इसके चलते वह ओमकार को बेटा मानते थे। उसके जेल जाने के बाद परिवार के कुछ लोग उसके पक्ष और कई विरोध में है। बताया जा रहा है कि प्रॉपर्टी को लेकर विवाद है। पुलिस ने इस बिंदु पर बारीकी से जांच की। बेटियों, दामाद और संबंधित रिश्तेदार से भी पूछताछ होगी।
नासिर और शूटर को गिरफ्तार कीजिए
मुख्य आरोपी नासिर और शूटर की गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई। सोमवार को मेरठ और जिला बार के पदाधिकारी एसएसपी ऑफिस पहुंचे। अधिवक्ताओं का कहना है कि मुकेश शर्मा की बेटियों को सुरक्षा की जरूरत है। मेरठ बार एसोसिएशन अध्यक्ष मांगेराम ने अधिवक्ताओं की ओर से एक प्रार्थना पत्र एसएसपी को सौंपा। जिसमें कई मांग रखी गईं। अधिवक्ताओं का कहना है कि बेटियों ने मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस सही जांच करे और असली मुल्जिम को जेल भेजे।
वेस्ट में अधिवक्ता सुरक्षित नहीं: मांगेराम
अध्यक्ष मांगेराम ने एसएसपी से कहा कि वेस्ट यूपी में अधिवक्ता सुरक्षित नहीं है। मेरठ में मुकेश शर्मा और बागपत जिले में अधिवक्ता जाहिद की हत्या हुई। ऐसे में अधिवक्ताओं को मुकदमा लड़ने के लिए भी सोचना पड़ता है। अधिवक्ताओं ने शस्त्र लाइसेंस न मिलने का मामला भी उठाया। इसके अलावा मानीटरिंग मीटिंग में कचहरी के एक सीनियर को शामिल करने की मांग की। एसएसपी ने अधिवक्ताओं की मांग पूरी करने का आश्वासन देकर कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करेंगे।
दो भाई मारे गए, मुझे भी खतरा: रामकुमार
अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने बताया कि मुकेश और देवेंद्र शर्मा उसके चचेरे भाई थे। उनकी भी प्रॉपर्टी गांव में है। दोनों भाइयों की हत्या के बाद उनको भी खतरा है। पुलिस मामले में गंभीरता से जांच करेगी तो हत्यारोपियों की पहचान हो जाएगी। नामजद आरोपियों के अलावा पुलिस को अन्य बिंदु भी जांच में शामिल करने चाहिए। एसएसपी ने उन्हें भरोसा दिया कि कोई आरोपी नहीं बचेगा।
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हत्या का तरीका एक जैसा
अधिवक्ताओं ने बताया कि 1999 में देवेंद्र शर्मा की हत्या हुई थी। ठीक उसी तरह मुकेश शर्मा की हत्या हुई है। देवेंद्र की हत्या में नामजदगी गलत हुई थी। मुकेश की हत्या में भी यही गलती दोहराई जा रही है। पुलिस के पास कई अहम जानकारी हैं, जिस पर पुलिस को जांच करनी चाहिए। एसएसपी ने कहा कि पुलिस ने देवेंद्र की हत्या से जुड़ी काफी जानकारी जुटाई है। अब मुकेश की हत्या में सारे सुबूत जुटाकर कार्रवाई करेंगे।
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