- अंतरराष्ट्रीय अल्पसंख्यक कल्याण अधिकार दिवस पर विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने रखे सुझाव
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। अंतरराष्ट्रीय अल्पसंख्यक कल्याण अधिकार दिवस पर बृहस्पतिवार को मनसबिया अरेबिक कॉलेज में विचार गोष्ठी हुई। इसमें अल्पसंख्यकों के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक विकास पर विस्तार से चर्चा हुई। गोष्ठी में सिख, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और जैन समाज के प्रतिनिधियों ने एक साथ मंच साझा कर विभिन्न सुझाव रखे। इनमें प्रमुख रूप से आनंद मैरिज एक्ट लागू करने, सिख बोर्ड के गठन, अनुदान बहाली और अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकारों की सुरक्षा शामिल रहे।
अध्यक्षता प्रभारी जिलाधिकारी एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश सिंह ने की। मुख्य अतिथि सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद रहे। अन्य अतिथियों में हर काजी जैनुस्सालिकीन, सरदार सरबजीत सिंह कपूर, फादर तारसीस, डॉ. नागभूषण भिक्षु और दिनेश चंद्र जैन सहित अन्य रहे। संचालन मौलाना मोहम्मद अतहर काजमी ने किया।
सरदार सरबजीत सिंह कपूर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आनंद मैरिज एक्ट लागू कर सिख समुदाय की शादियों को वैधानिक दर्जा दिया जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश सिख बोर्ड के गठन और परीक्षा केंद्रों पर सिख विद्यार्थियों को कृपाण व कड़ा रखने की अनुमति देने की मांग की।
फादर तारसीस ने ईसाई शिक्षण संस्थानों के अधिकारों और 2018 से रुके अनुदान को फिर से शुरू करने पर जोर दिया। जैन समाज के दिनेश चंद्र जैन ने अनुच्छेद 30 के संरक्षण को आवश्यक बताया। वहीं डॉ. नागभूषण भिक्षु ने सभी समाजों से एकजुट होकर अधिकारों की लड़ाई लड़ने की अपील की।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद रुहेल आजम ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए कई योजनाएं लागू हैं और उनके बारे में जागरूकता जरूरी है। कार्यक्रम में सुशील कुमार, मीना कुमारी, विमला और इस्लामुद्दीन सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।