हरिद्वार में तो नहीं छिपी है
सहारनपुर में अनामिका शुक्ला बनकर पढ़ा रही महिला की पड़ताल में पुलिस दिल्ली, मैनपुरी, कासगंज और पता नहीं कहां-कहां छापे मार रही है। मगर वार्डन की मानें तो अंतिम बार उनकी बात जब कथित अनामिका शुक्ला से हुई थी तो उसने अपनी लोकेशन हरिद्वार बताई थी। कॉल रिकॉर्डिंग भी वार्डन के मोबाइल में है।
स्पष्टीकरण को क्यों छिपा रहा विभाग
अनामिका शुक्ला प्रकरण में विभाग ने वार्डन ललिता देवी की संविदा समाप्त कर दी है। विभाग ने जिला समन्वयक बालिका शिक्षा आदित्य नारायण शर्मा और वार्डन ललित देवी से दस जून तक स्पष्टीकरण देने को कहा था। जिला समन्वयक ने दस जून को स्पष्टीकरण दे दिया था।
दस जून की शाम जब बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार से अमर उजाला ने बात की तो उनका कहना था कि वार्डन ने स्पष्टीकरण नहीं दिया है। जबकि वार्डन का दावा है कि उसने आठ जून को ही अपना स्पष्टीकरण विभाग को दे दिया था, जिसकी रिसीविंग भी उनके पास है।
होली की छुट्टी के बाद नहीं आई
वार्डन ललिता देवी (संविदा समाप्त) सात से 12 मार्च तक होली की छुट्टियां पड़ी थीं। सभी बच्चे और शिक्षिकाएं अपने घर चले गए थे। अनामिका भी चली गई थी। 13 मार्च को विद्यालय खुला था, जिसमें सभी बच्चे और शिक्षक पहुंची थीं, मगर अनामिका गायब थी।
14 मार्च को कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का शहर में कार्यक्रम था, जिसमें भी वह नहीं पहुंची थी। यानी सात मार्च से वह गायब ही है। वार्डन ने कब और किसे स्पष्टीकरण दिया इसकी जानकारी नहीं है। मगर खास बात यह है कि वार्डन ने कई अहम चीजें विभाग से छिपाईं। ड्यूटी के प्रति उनकी लापरवाही मानते हुए संविदा समाप्त की गई है। -रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।