शव ले जाने के लिए नहीं मिली सरकारी एंबुलेंस
बेटे के शव को जिला अस्पताल से घर ले जाने के लिए बेबस पिता को तीन घंटे तक पुलिस अफसरों व जिला अस्पताल के डॉक्टरों से गुहार लगानी पड़ी। लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की। इस दौरान परिजन बिलखते रहे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। उसके बाद परिजन मजबूरी में प्राइवेट एंबुलेंस से शव को गांव में ले गए।
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कंकरखेड़ा में सैनिक विहार डी पॉकेट में 150 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर सेल्फी लेते समय शोसित (22) पुत्र ईश्वर सिंह निवासी मामेपुर-किशोरपुर थाना हस्तिनापुर और ऋषभ शर्मा (23) पुत्र भारत भूषण निवासी भगवती कुंज (बिजली बंबा बाईपास) गिर गये थे। दोनों छात्रों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस दोनों को जिला अस्पताल ले गई। रात में दोनों के परिजन जिला अस्पताल पहुंच गये। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया तो पुलिस ने दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए।
ऋषभ के शव को परिजन ले गये। बाद में जिला अस्पताल में शोसित के शव को लेकर परिजनों ने कंकरखेड़ा पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा कि इस समय पैसों की व्यवस्था नहीं है। उनके सामने मजबूरी भी है। यदि सरकारी एंबुलेंस मिल जाए तो समय से घर पहुंच जाएंगे। कंकरखेड़ा पुलिस ने मामला उच्च अधिकारियों को बताकर पल्ला झाड़ लिया। जिसके बाद दोनों दरोगा मौके से चलते बने और कहा कि शव को ले जाना। परिजनों ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरों से कहा कि साहब हमारा बेटा चला गया, कम से कम शव को सरकारी एंबुलेंस से घर तक पहुंचवा दो। वहां मौजूद स्टाफ ने कहा कि सरकारी एंबुलेंस शव नहीं ले जाती।
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