फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पैदल मार्च रद्द कर शाह ने सपा सरकार को घेरा, मेरठ में अमित शाह एक नजर में

Sun, 05 Feb 2017 11:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ, अनुज मित्तल

सार

मेरठ में व्यापारी पुत्र की हत्या पर सूबे की कानून-व्यवस्था पर बरसे शाह, बोले- प्रदेश में अराजकता का माहौल, अब भाजपा ही लाएगी रामराज, गठबंधन पर किया प्रहार- एक शहजादे ने देश लूटा, दूसरे ने प्रदेश, किसानों को 14 दिन में गन्ने का बकाया भुगतान करने का वादा
विज्ञापन
लोगों का अभिवादन करते अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मेरठ का बहुप्रतीक्षित पैदल मार्च ब्रह्मपुरी में व्यापारी पुत्र की हत्या के विरोध में रद्द कर दिया। शुक्रवार को यहां पहुंचे शाह ने पैदल मार्च के बजाय सिर्फ नुक्कड़ सभा की। व्यापारी पुत्र की हत्या पर शोक जताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है। कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है, जो सूबे में रामराज लाएगी।
विज्ञापन


देहली गेट चौराहे पर नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि सपा सरकार में रोजाना 24 बलात्कार होते हैं। हत्याएं होती हैं। मां-बहनें सुरक्षित नहीं हैं। सपा के पांच साल के शासन में 200 से ज्यादा दंगे हुए। लोग पलायन को मजबूर हैं। यह सरकार की विफलता को दर्शाता है। जिस उत्तर प्रदेश को कृषि, शिक्षा, आर्थिक और विकास की दृष्टि से आगे बढ़ना था, वह अपराध, माफियाओं और भ्रष्टाचार के लिए आगे बढ़ रहा है। मथुरा कांड ने उत्तर प्रदेश का नाम देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में बदनाम किया। उन्होंने कहा कि मेरठ के ब्रह्मपुरी में डकैती के दौरान बदमाशों ने बृहस्पतिवार सरेशाम गोलियां बरसाकर व्यापारी पुत्र अभिषेक की हत्या कर दी। मुख्यमंत्री जागरूक हैं तो वह इस घटना पर जवाब दें।

अपराधी जेल जाएंगे या सूबे से बाहर
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार आई तो बालिकाओं को एंटी रैगिंग कॉलेज मिलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा। प्रदेश का विकास होगा। यांत्रिक कमेलों पर रोक लगेगी। साथ ही उत्तर प्रदेश अपराध मुक्त होगा। अपराधी या तो जेल में होेंगे या प्रदेश से बाहर होंगे। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि अब तक जो उत्पीड़न हुआ है, उसका जवाब 11 फरवरी को अपने मतों से दें। इससे पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भी नुक्कड़ सभा को संबोधित किया। इस दौरान शहर प्रत्याशी डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्रदेश महामंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन, मेयर हरिकांत अहलूवालिया, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, विनीत अग्रवाल शारदा, डॉ. अंजू वारियर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


सपा सरकार में बदहाल गन्ना किसान
शाह ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी हमला बोला। कहा कि सपा और कांग्रेस का गठबंधन पहले से है। सीएम अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि एक शहजादा देश को लूटता रहा तो दूसरा प्रदेश को। अब दोनों मिलकर लूटने का मंसूबा बनाए हुए हैं। कहा कि वेस्ट यूपी गन्ना किसानों का क्षेत्र है। इसे पिछली सरकारों ने बदहाली की कगार पर पहुंचा दिया है। लेकिन, भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में छोटे और मध्यम किसानों का पूरा ध्यान रखा है। इन्हें जहां ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, वहीं सरकार बनते ही गन्ने का बकाया भुगतान चार माह में कराया जाएगा। साथ ही यह व्यवस्था होगी कि 14 दिन गन्ना किसान के खाते में गन्ने का पैसा पहुंच जाए।

परिजनों से नहीं मिल सके शाह, फोन पर की बात
अभिषेक के परिजनों से अमित शाह मुलाकात नहीं कर सके। उन्होंने मंच से पैदल मार्च रद्द कर दो मिनट का मौन कराया और बताया कि वह अभिषेक के घर जा रहे हैं। इस दौरान उनसे किसी कार्यकर्ता ने बताया कि व्यापारी के घर के ज्यादातर पुरुष अभिषेक के अंतिम संस्कार में गए हैं। घर पर सिर्फ महिलाएं ही हैं। इस कारण वह अभिषेक के घर नहीं जा सके। इसके बाद अपराह्न करीब तीन बजे सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने अपने मोबाइल से अमित शाह की व्यापारी सुशील वर्मा के भाई राकेश से बात कराई। राकेश ने शाह को पुलिस-प्रशासन पर सवाल उठाए। इस पर शाह ने उन्हें मामले को संसद में उठवाने और इसकी खुद मॉनिटरिंग करने का आश्वासन दिया।

व्यापारी, कार्यकर्ता और अधिवक्ताओं को साध गए शाह

पदयात्रा के लिए उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मेरठ में व्यापारी, कार्यकर्ता और अधिवक्ताओं को साधते नजर आए। नुक्कड़ सभा के जरिये उन्होंने वेस्ट यूपी के किसानों को भी आवाज दी। साथ ही उनके बीच सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया। पूरे भाषण में शाह के निशाने पर सपा और कांग्रेस रही। ऐसा लगा मानो वह वेस्ट यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन से ही मुकाबला मान रहे हों। उधर, ब्रह्मपुरी में व्यापारी पुत्र की हत्या के विरोध में अपना पैदल मार्च स्थगित कर व्यापारियों के बीच सहानुभूति का संदेश देने में भी कामयाब रहे।

अमित शाह के पैदल मार्च पर सभी की नजरें टिकी थीं। पैदल मार्च जहां से शुरू होना था, उससे चंद कदम की दूरी पर ही बृहस्पतिवार सरेशाम बदमाशों ने व्यापारी पुत्र अभिषेक की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इसके विरोध में उन्होंने मार्च रद्द कर सिर्फ नुक्कड़ सभा को संबोधित किया। इस दौरान सूबे की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया तो भाजपा की सरकार में रामराज का भरोसा दिया। करीब तीन घंटे के मेरठ प्रवास के दौरान वह चुनाव से जुड़े प्रमुख वर्गों को साधने में कामयाब नजर आए।

सकारात्मक संदेश देने की कोशिश
शाह ने चुनावी घोषणा पत्र सुनाते हुए वेस्ट यूपी के किसानों का भी मुद्दा उठाया। किसानों के गन्ना बकाया भुगतान और कर्ज मुक्त ब्याज की बात प्रमुखता से रखते हुए मेरठ समेत आसपास के किसानों को संदेश दिया कि भाजपा सत्ता में आई तो किसान हित में काम करेगी। इसके बाद उन्हाेंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बनाया। इसमें दंगा, पलायन के साथ हत्या, लूट और बलात्कार आदि के तमाम मामले सामने रखे। इसके लिए सपा को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया। व्यापारियों को आश्वासन दिया कि भाजपा की सरकार बनी तो कानून-व्यवस्था सुदृढ़ होगी। व्यापार के बेहतर अवसर मिलेंगे। यही नहीं, व्यापारी पुत्र अभिषेक की हत्या पर शोक व्यक्त करते हुए पैदल मार्च स्थगित करना भी सकारात्मक संदेश दे गया।

हाईकोर्ट बेंच दे गए आश्वासन
वेस्ट यूपी की सबसे पुरानी और अहम मांग हाईकोर्ट बेंच को लेकर अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। सकारात्मक माहौल में बात करते हुए चुनाव बाद पांच अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कराने का आश्वासन दे गए। दूसरी तरफ चुनावी माहौल में टिकट वितरण से नाराज नेताओं को भी उन्होंने बंद कमरे की बैठक में साधने का प्रयास किया। एक होटल में करीब एक घंटे तक उन्होंने प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल, क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री चंद्रशेखर की मौजूदगी में असंतुष्टों को सम्मान देने की बात कहते हुए पीठ पर हाथ रखा।

नोटबंदी और रालोद से परहेज
पुराने शहर में व्यापारियों के बीच अमित शाह नोटबंदी पर कुछ नहीं बोले। पिछली जनसभाओं में नोटबंदी को लेकर वह लगातार बोलते नजर आए, लेकिन मेरठ में उन्होंने पूरी तरह इस मुद्दे से दूरी बनाए रखी। यही नहीं, विपक्षी दलों में सपा पर मुख्य निशाना तो कांग्रेस को भी कई बार उन्होंने लपेटा। लेकिन, बसपा का नाम सिर्फ एक बार लिया तो रालोद पर कुछ भी बोलने से परहेज किया। इसका कारण शायद जाट बेल्ट में किसी भी विरोध से बचना माना जा रहा है।
विज्ञापन

जो पैसे टिकट के लिए दिये थे वो तो लौटा दो 

हवाई पट्टी पर अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
हवाई पट्टी पर भाजपाइयों में टिकट वितरण को लेकर असंतोष जमकर नजर आया। इस दौरान एक दूसरे पर आरोप भी लगे। जिले के एक भाजपा नेता ने क्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारी पर पैसा लेकर टिकट वितरण का आरोप लगाया और कहा कि जिन लोगों को टिकट नहीं मिला और पैसा लिया है, वह वापस लौटा दो। इस पर उक्त पदाधिकारी ने कहा कि 52 करोड़ लिया है और बदले में 300 पुतले फूंकवा लिये, हिसाब बराबर हो गया। मेेरे ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ता है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें