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अमित हत्याकांड : मां बोली, रविता और अमरदीप को मिले फांसी की सजा

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मेरठ/बहसूमा। अकबरपुर सादात गांव के अमित कश्यप उर्फ मिक्की की हत्या से परिवार गमजदा है। अमित की मां मुनेश ने रोते हुए कहा, बेेटे के कातिलों रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उधर, पुलिस ने इस हत्याकांड में सबूत एकत्र करने शुरू कर दिए हैं। पुलिस ने सपेरे निखिल उर्फ कृष्णनाथ को सरकारी गवाह बनाया है। उसके बयान दर्ज कर थाने से छोड़ दिया है। पुलिस रविता के फोन की कॉल डिटेल भी निकवाकर उसे भी जांच में शामिल करेगी।
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मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड के बाद अमित हत्याकांड भी चर्चाओं में है। सौरभ हत्याकांड में पत्नी मुस्कान ने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या कर शव के टुकड़े नीले ड्रम में सीमेंट भर कर सील कर दिए थे। अकबरपुर सादात के अमित हत्याकांड में भी पत्नी रविता ने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित की गला दबाकर हत्या कर शव के पास सांप रख दिया, ताकि कत्ल को सांप के डसने से मौत होना दर्शाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या गला दबाकर किए जाने का खुलासा होने पर पुलिस ने हत्याकांड का राजफाश किया। पुलिस ने दोनों हत्यारोपी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
अमित की मां मुनेश की आंखों के आंसू अभी सूखे नहीं हैं। मां ने कहा- बहू रविता इतनी जालिम निकलेगी, ऐसा सपने में भी नहीं सोचा था। तीन बच्चे हैं, अमित उसका पूरा ख्याल रखता था, उसे कोई कमी नहीं होने देता था। फिर ऐसा उसने क्यों किया। अमित का मुंह-गला दबाते हुए उसके हाथ भी नहीं कांपे। हमारा पूरा परिवार बर्बाद कर दिया। रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
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उधर, पुलिस ने हिरासत में लिए गए सपेरे महमूदपुर निवासी निखिल उर्फ कृष्णनाथ को लिखा पढ़ी कर थाने से छोड़ दिया। निखिल से ही अमरदीप ने एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। अमरदीप की निखिल से मुलाकात उसके दोस्त राजकुमार सपेरे ने कराई थी। पुलिस ने राजकुमार से भी पूछताछ कर उसके भी बयान दर्ज किए हैं। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस साक्ष्य एकत्र कर रही है, हत्या के बाद शव के पास सांप रखा था। सपेरे को सरकारी गवाह बनाया गया है, लिखापढ़ी कर उसे छोड़ा है।

दिव्यांग पिता विजयपाल बिलख पड़े
बहसूमा। दिव्यांग पिता विजयपाल ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह अमित के लिए उसका बेटा चाय-पराठा लेकर आया तो वह नहीं उठा। उसके बाद रजाई को उठाकर देखा तो उसमें सांप बैठा दिखाई दिया। लोगों ने कहा सांप से डसने से मौत हो गई है, हम भी यही सोच रहे थे, लेकिन बाद में सच सामने आया तो सुनकर यकीन नहीं हुआ। बहू ही बेटे की हत्या कर देगी, ऐसा तो सोचा नहीं था। यह करते हुए विजयपाल बिलख पड़े।

मम्मी-पापा का याद कर रो रहे बच्चे
बहसूमा। पिता अमित की हत्या कर मां रविता जेल चली गई, दोनों के तीन मासूम बच्चों को कुछ नहीं पता कि क्या हो गया। पिता का साया उनके सिर से उठ गया, मां भी अब जल्दी जेल से बाहर नहीं आएगी। मम्मी और पापा को याद कर तीनों मासूम बच्चे अनिकेत (6), अनु (4), गौरी (2) बार-बार रो रहे हैं। दादी मुनेश के पास बच्चे हैं। दादी उन्हें बस बहलाकर चुप कहा रही है, मम्मी-पापा कहां हैं, इसका जवाब दादी मासमू बच्चों को नहीं दे पा रही है।

रविता ने मुख्य दरवाजा खोल कर छोड़ा था
- सास के कई बार कहने पर भी बंद नहीं किया था गेट
मेरठ। रविता ने प्रेमी अमरदीप के साथ मिल कर शनिवार 12 अप्रैल को ही अमित की हत्या करने की योजना बना ली थी। फोन पर अमरदीप को पूरी योजना बता दी थी। बस रात होने का इंतजार था।
अमित की मां आदेश ने बताया कि शनिवार की रात में रविता ने घर का मुख्य दरवाजा पूरा बंद नहीं किया था। जबकि उसने कई बार बंद करने के लिए बोला तो उसने दरवाजा बंद नहीं किया। रविता अपने कमरे में अमित और बच्चों के साथ कर सोने चली गई। वे भी कमरे में चले गए। वह रात करीब नौ बजे उठी तो उनके कमरे की लाइट बंद थी, पंखा चल रहा था। फिर करीब ग्यारह बजे उठी तो उसका बेटा चारपाई पर बाहर की तरफ बिस्तर पर रजाई ओढ़े लेटा हुआ था। अब समझ में आ रहा है कि रविता ने दरवाजा प्रेमी अमरदीप के लिए खोल रखा था। बाहर मुख्य दरवाजा जो पूरी तरह बंद नहीं था, वहां पर लाइट भी जली हुई थी। उन्हें क्या पता था कि अब उनका बेटा हमेशा के लिए सुला दिया गया है।

हत्या से पूर्व शाकंभरी देवी के दर्शन को गई थी
बहसूमा। अमित तीनों बच्चों और रविता को लेकर अपनी ससुराल सैदपुर 11 अप्रैल को गया था। वहां से 12 अप्रैल को वे सहारनपुर जनपद में शाकंभरी देवी के दर्शन के लिए गए थे। इसकी वीडियो रविता ने अपने इंटाग्र्राम पर भी डाली है। वहां से लौटने के बाद रात में ही अमित की हत्या कर दी।
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