अमीनों की भर्ती में तीन नकलची पकड़े
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित अमीन भर्ती परीक्षा में रविवार को मुन्नाभाई सहित चार युवक पकड़ लिए गए। इनमें तीन युवक परीक्षा शुरू होने से पहले दुर्गाबाड़ी गर्ल्स इंटर कालेज परीक्षा केंद्र के बाहर मोबाइल फोन में आंसर की होने के शक में पकड़े गए।जिन्हें मोबाइल फोन समेत सदर बाजार थाने को सौंप दिया गया।
वहीं, आरजी कॉलेज में नकल करते एक अभ्यर्थी को पकड़ा गया है। यह परीक्षा दो पालियों में हुई। दुर्गाबाड़ी एवी कन्या इंटर कालेज परीक्षा केंद्र पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे की पाली की परीक्षा के लिए गेट पर परीक्षार्थियों की तलाशी ली जा रही थी। केंद्र व्यवस्थापक प्रधानाचार्य चंद्रकांता के अनुसार करीब 9:30 बजे परीक्षा केंद्र के बाहर मोबाइल पर व्हाटस एप पर चेटिंग करते तीन अभ्यर्थियों को देख शिक्षकों को शक हुआ।
उन्होंने तीनों को पकड़ लिया। इनके पास से दो एंड्रायड मोबाइल फोन बरामद हुए । केंद्र पर मौजूद सेक्टर मजिस्ट्रेेट संदीप अग्रवाल को भी मामले से अवगत कराया गया। प्रधानाचार्य के अनुसार उनके मोबाइल की जांच की गई तो उनके व्हाटस एप पर एक आंसर की मिली। पूछताछ में इनमें से दो युवकों ने धामपुर (बिजनौर ) और एक ने मुरादाबाद निवासी बताया। तीनों युवकों को इस केंद्र पर परीक्षा देनी थी। प्रधानाचार्य ने बताया कि मोबाइल में मिली आंसर की अमीन परीक्षा से संबंधित प्रश्न पत्र से जुड़ी हो सकती है।
इसी संदेह में उक्त तीनों को सदर थाना पुलिस को सौंपते हुए तहरीर दे दी गई। हालांकि इंस्पेक्टर सदर गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि प्रधानाचार्य द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर कोई केस नहीं बन रहा है। इस वजह से उन्हें छोड़ना पड़ेगा। उधर, एसओ लालकुर्ती प्रदीप त्रिपाठी के अनुसार आरजी कॉलेज में भी परीक्षा के दौरान अमरोहा निवासी जयप्रकाश शर्मा नाम का परीक्षार्थी कान में डिवाइस लगाकर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। प्रधानाचार्य ने उसके खिलाफ तहरीर दी। जिस पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
सच जाने बिना केस दफन
मेरठ। सदर बाजार पुलिस ने सच जाने बिना केस दफन कर दिया। जबकि आगरा में व्हाट्स एप पर ही अमीन भर्ती परीक्षा का पेपर आउट हो चुका था। यहां भी एक परीक्षार्थी डिवाइस से नकल करते धरा गया तो तीन अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के बाहर व्हाट्स एप पर संदिग्ध हालत में चेटिंग करते पकड़े गए। यहां पुलिस ने मोबाइल फोन में आंसर की होने की संभावना की परीक्षा प्रश्नपत्र से मिलान करने की जहमत तक नहीं उठायी।
जबकि दुर्गाबाड़ी गर्ल्स इंटर कालेज की प्रधानाचार्या का कहना है कि तीनों अभ्यर्थी और मोबाइल पुलिस को सौंपने के बाद जैसा पुलिस ने कहा, वैसे ही तहरीर दी गई। अब उन्हें नहीं पता कि पुलिस उस पर केस दर्ज नहीं कर रही। पुलिस ने अपनी ही लिखायी कमजोर तहरीर को सुधारने का प्रयास नहीं किया। यदि हकीकत की तह में जाने की कोशिश करती तो हो सकता है कि आगरा में पेपर लीक करने वालों के तार मेरठ से जुडे़ मिल सकते थे। इस संबंध में इंस्पेक्टर सदर का कहना है कि कालेज प्रशासन ने नकल केस बताकर तीन लोगों को पुलिस के हवाले किया। पुलिस उन्हें लेकर थाने आ गई। बाद में पता चला कि प्रधानाचार्य द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर कोई केस ही नहीं बन रहा है।