सोमवार दोपहर एक बार फिर शहर जाम से जकड़ गया। वेस्टर्न कचहरी रोड, बच्चा पार्क, मेघदूत पुलिया, समेत कई चौराहों पर भीषण जाम लगा। एंबुलेंस भी घंटों जाम में फंसी रही, लेकिन दूर तक कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। पुलिस अफसरों के तमाम दावे ध्वस्त हो गए।
शहर के अधिकांश चौराहों पर सुबह 10 बजे से ही जाम की स्थिति बनने लगी। दोपहर को तो मानों शहर थम सा गया। वेस्ट एंड रोड स्थित स्कूलों की छुट्टी होने पर ट्रैफिक पुलिस यातायात संभालने में लग गई। इसके बाद भी लोगों को आधा घंटा जाम में जूझना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस का फोकस वेस्ट एंड रोड और माल रोड पर था, लेकिन शहर के अन्य चौराहों पर भीषण जाम लग गया। वेस्टर्न और ईस्टर्न कचहरी रोड पर कई एंबुलेंस गाड़ियां जाम में फंसी रहीं। एंबुलेंस को जाम से निकलवाने के लिए यूपी 100 की गाड़ी पहुंची। एक सिपाही ने आधे घंटे मशक्कत कर एंबुलेंस को निकाला।
कोई सिस्टम काम नहीं करता
टीएसआई दीन दयाल दीक्षित का कहना है कि शहर के चौराहों पर अलग-अलग तरीके से जाम से निजात पाने के लिए व्यवस्था बनाकर देखी गई, लेकिन कोई सिस्टम काम ही नहीं करता। कमिश्नरी चौराहे, तेजगढ़ी चौराहा समेत कई चौराहों पर लालबत्ती लगाई गई। चौराहों को लालबत्ती के अनुसार चलाने का प्रयास किया, लेकिन जाम की स्थिति ओर खराब हो गई। जिसके चलते चौराहों को फ्री करना पड़ा। सोमवार को कई चौराहों पर जाम लगा। लेकिन पुलिस जाम खुलवाने में लगातार जुटी रही।