छह घंटे का सफर 2:20 घटे में पूरा किया
हरिद्वार कंट्रोल रूम के मुताबिक हरिद्वार से दिल्ली का सफर ग्रीन कॉरिडोर में एंबुलेंस ने करीब 2 घंटे 20 मिनट में पूरा किया। अमूमन एंबुलेंस को लगभग पांच घंटे और आम पब्लिक को छह घंटे हरिद्वार से दिल्ली जाने में लग जाते हैं। ग्रीन कॉरिडोर तैयार कराकर साध्वी पद्मावती को को समय से अस्पताल तक पहुंचाया गया और उपचार दिलाया।
पहली बार बनी मेरठ में यह व्यवस्था
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई का कहना है कि मेरठ में पहली बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। ग्रीन कॉरिडोर बनाने की सूचना मिलने के बाद व्यवस्था बनाने के लिए सिर्फ 45 मिनट थे। सफलतापूर्वक ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर दिया गया।
130 की स्पीड से दौड़ रही थी एंबुलेंस
बताया गया कि हरिद्वार से करीब 130 की स्पीड से एंबुलेंस ग्रीन कॉरिडोर में दौड़ रही थी। आगे आगे सारी व्यवस्था बनाई जा रही थी। दिल्ली में कई बार ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया। हैदराबाद में भी ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एक मासूम बच्ची की जान बचाई गई थी। डॉक्टरों ने कहा था कि अगर इलाज में पांच मिनट देरी हो जाती तो बच्ची की मौत हो सकती थी।
लखनऊ से मैसेज आते ही मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद के कप्तान को अलर्ट किया गया था। ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था बनाकर एंबुलेंस को दिल्ली तक पहुंचाया गया। एंबुलेंस में मरीज को समय से दिल्ली पहुंचकर इलाज मिला है। मेरठ में ग्रीन कॉरिडोर की पहली बार व्यवस्था बनाई गई। -प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन