रिपोर्टर-दलाल के बीच हुई बातचीत
रिपोर्टर : भाई साहब, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है।
दलाल : बन जाएगा। लाइए कागज।
रिपोर्टर : क्या कागज चाहिए।
दलाल : लर्निंग के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर दीजिए।
रिपोर्टर : बेटे का बनना है, वह बंगलूरू रहता है। यहां आ नहीं सकेगा। क्या बगैर परीक्षा दिए लाइसेंस बन सकता है।
दलाल : भाई काम सब होते हैं। लर्निंग लाइसेंस केे 2000 रुपये लगेंगे। अगर वह आ नहीं सकता है तो उसका नया फोटो दे देना, परीक्षा भी हम दे देंगे।
रिपोर्टर : स्थायी लाइसेंस बनवाने का कितना लगेगा।
दलाल : स्थायी लाइसेंस के लिए गाड़ी चलाकर दिखानी होती है। अगर गाड़ी नहीं चलानी है तो 4000 रुपये लगेंगे।
रिपोर्टर : क्या स्थायी लाइसेंस के लिए बेटे को बंगलूरू से बुलाना पड़ेगा।
दलाल : बिल्कुल, जरूर आना होगा। तभी लाइसेंस बन सकता है। बस गाड़ी चलाकर नहीं दिखानी पड़ेगी।
रिपोर्टर : फीस कुछ कम कर लीजिए।
दलाल : अगर आप लर्निंग और स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस हमसे बनवाएंगे, तो लर्निंग के 1500 और स्थायी के 3500 रुपये लगेंगे।
रिपोर्टर : भाई साहब सरकारी फीस तो बहुत कम है, आप कई गुना अधिक मांग रहे हैं।
दलाल : आपसे जितने पैसे ले रहा हूं, उसमें से केवल 200 से 800 रुपये ही मेरे पास रहेंगे। बाकी सब पैसे विभाग के अधिकारियों को जाएंगे।
रिपोर्टर : ठीक है मैं कल बच्चे का आधार कार्ड लेकर मिलता हूं।
लर्निंग लाइसेंस के लिए संबंधित व्यक्ति को ऑनलाइन कैमरे के सामने बैठकर ही परीक्षा देनी होगी। फोटो भेजकर लाइसेंस बनवाना गलत है। इस फर्जीवाड़े को खत्म करने के लिए डीएम, एसएसपी को पत्र लिखा जा चुका है। कार्यालय के अंदर कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश न करे, इसके लिए गेट पर गार्ड बैठाया जाएगा। - अनीता सिंह, आरटीओ प्रशासन।