मुजफ्फरनगर के कुरथल गांव की इसी ट्यूूबवेल पर मंगाए गए थे रंगदारी के पैसे।
- फोटो : अमर उजाला
दो करोड़ रुपये की रंगदारी जिस ट्यूबवेल पर पहुंचाने को कहा गया है, वह मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र के कुरथल गांव में है। बुधवार को अमर उजाला संवाददाता ने इसकी पड़ताल की तो पत्र में ठिकाने का जो हुलिया बताया गया था, वह एकदम सही निकला। वहां दो-तीन दिन से संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा था।
मेरठ से शामली जाने वाली मेनरोड के किनारे स्थित यह दो मंजिला ट्यूबवेल कुरथल गांव के किसान रामशरण की है। अमूमन दिन में भी यह पूरा इलाका सुनसान ही रहता है। ट्यूबवेल के पास में ही रामशरण के भाई सुरेंद्र का ढाबा है। अमर उजाला संवाददाता को ट्यूबवेल पर एक आदमी मिला। पहले तो वह हिचका, लेकिन कुरेदने पर बातचीत शुरू की। बताया कि दो-तीन दिन से यहां पर कुछ लोग आते हैं, थोड़ी देर रुकने के बाद चले जाते हैं। लॉकडाउन शुरू होने के बाद से ही यहां सन्नाटा रहता है। ढाबा भी तभी से बंद है। दो-तीन दिन से ट्यूबवेल पर संदिग्ध गतिविधियां देखकर लोगों ने बुढ़ाना की थाना पुलिस को भी अवगत कराया, लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। पुलिस अगर गंभीर होती तो कोई न कोई सुराग हाथ लग सकता था।
बदमाश बागपत का और मुजफ्फरनगर में मंगाई रकम
रंगदारी का मामला तीन जिलों से जुड़ गया है। सुनील राठी बागपत का है। रंगदारी मेरठ के सुभारती ट्रस्ट के चेयरमैन से मांगी और रकम लेने के लिए ठिकाना रखा मुजफ्फरनगर जनपद का। तीन जनपद की पुलिस इस मामले से जुड़ रही है। पुलिस की छोटी सी लापरवाही यहां बड़ी वारदात करा सकती है।
यह भी पढ़ें: गायक परिवार हत्याकांड: डीएनए रिपोर्ट में हुई ये पुष्टि, अब होगी बड़ी कार्रवाई, खौफनाक थी पूरी वारदात
आखिर किसका मिल रहा राठी परिवार को संरक्षण
बागपत में ईंट भट्टा मालिक देशराज व हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना की हत्या के मामले में पुलिस ने लिखा पढ़ी में सुनील राठी को आरोपी बनाया। बागपत, मेरठ, शामली और मुजफ्फरनगर में लगातार अपराधिक वारदातों में सुनील राठी का नाम सामने आ रहा है। सवाल उठ रहा कि इतना सब कुछ होने के बावजूद भी राठी परिवार पर पुलिस शिकंजा क्यों नहीं कस रही है? आखिर उसे किसका संरक्षण मिल रहा है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/