उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में गन्ना पेराई सत्र का समापन हो गया है। निजी क्षेत्र की चीनी मिलों ने पिछले साल के मुकाबले इस बार कम गन्ने की पेराई की है। जबकि निगम की मोहिउद्दीनपुर मिल ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़कर 4.42 लाख क्विंटल अधिक गन्ने की पेराई की। मिल का चीनी परता भी अधिक रहा। मिलों ने पिछले साल से 11.22 लाख क्विंटल कम गन्ना पेराई किया, जिस वजह से चीनी उत्पादन भी 8.52 लाख क्विंटल कम हुआ है।
पेराई सत्र अक्तूबर माह के आखिर में शुरू हुआ था। पेराई और चीनी उत्पादन के आंकड़ों पर नजर डाले तो इस बार गन्ने की कमजोर फसल का असर पड़ा है। गन्ने का ज्यादा रकबा होने के बावजूद भी पैदावार कम रही। यही वजह रही कि निजी क्षेत्र की पांच मिले पिछले साल की पेराई और चीनी उत्पादन की बराबरी तक नहीं कर सकी। लेकिन, उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम की मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल ने विपरीत परिस्थितियों में भी 4.42 लाख क्विंटल गन्ने की अधिक पेराई की और 27 हजार क्विंटल अधिक चीनी का उत्पादन किया।
उपज कम होने के साथ चीनी रिकवरी भी कम
इस बार गन्ना उपज में कमी आने के साथ चीनी रिकवरी भी कम रही। निजी मिलों की रिकवरी में पिछले साल के मुकाबले गिरावट रही, वहीं मोहिउद्दीनपुर मिल की रिकवरी 0.01 फीसदी ज्यादा रही है।
बोलते आंकड़े
मिल गन्ना पेराई 2019-20 2020-21 चीनी उत्पादन 2019-20 2020-21
मवाना 204.85 201.75 23.72 20.53
दौराला 229.05 225.54 25.54 21.90
सकौती 33.20 31.25 3.97 3.29
किनौनी 189.26 185.01 22.57 21.82
मोहिउद्दीनपुर 61.81 66.23 6.54 6.81
नंगलामल 105.28 102.94 11.46 10.93
जनपद 823.45 812.23 93.80 85.28
नोट: गन्ना और चीनी की मात्रा लाख क्विंटल में है।
कम हुआ चीनी उत्पादन
गन्ना पेराई सत्र खत्म हो चुका है। इस बार मिलों ने पिछले साल के मुकाबले 11.22 लाख क्विंटल कम गन्ना पेराई करते हुए 8.52 लाख क्विंटल कम चीनी उत्पादित की है। मोहिउद्दीनपुर मिल ने इस बार रिकॉर्ड पेराई कर पिछले साल से ज्यादा गन्ना पेराई की है।
- डॉ. दुष्यंत कुमार, जिला गन्ना अधिकारी, मेरठ