इन तरह बना रहे सैनिटाइजर
केमिकल प्रोडक्ट सप्लायर मनीष शर्मा का कहना है कि गली मोहल्लों में नकली सैनिटाइजर की बिक्री हो रही है। इसमें स्प्रिट, पानी, फ्लेवर और थोड़ी सी ग्लिसरीन से सैनिटाइजर तैयार किया जा रहा है। न कोई मानक हैं न कोई मापदंड। ऐसे में लोगों के जीवन से ये लोग खिलवाड़ कर रहे हैं।
कार्ड व्यापारियों ने शुरू किया सैनिटाइजर का व्यापार
मेरठ कार्ड एसोसिएशन के महामंत्री लोकेश अग्रवाल का कहना है कि वेडिंग कार्ड का व्यापार बंद होने के कारण उन्होंने साइड बिजनेस के रूप में सैनिटाइजर का काम शुरू किया है। विकास बंसल और सुधीर अग्रवाल ने बताया कि व्यापारियों का करोड़ों का माल प्रतिबंध के चलते स्क्रैप में तब्दील हो गया है। काफी सामान को चूहों ने कुतर दिया है। बैंकों के ईएमआई भरने के लिए फोन आ रहे हैं।
घरों में सैनिटाइजेशन को बनाया कारोबार
व्यापार में जहां एक रास्ता बंद हो जाता है तो दूसरा खुल जाता है। इसी का उदाहरण है शहर के कुछ व्यापारी जो लॉकडाउन पीरियड में घरों, दुकानों और कार्यालयों को सैनिटाइज कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। इसके लिए व्यापारी फॉगिंग मशीन, मिस्ट मशीन या यूवी मशीन का प्रयोग कर रहे हैं। सिट्रोन हाइजीन के संचालक जयविंदर धारीवाल ने बताया कि उनकी टीम मेरठ सहित दिल्ली एनसीआर में काम कर रही है। सरकारी कार्यालयों के साथ अब दुकानों से भी अच्छी डिमांड आ रही है। फिट-4 सैनिटाइजेशन सर्विस के वरुण, ट्रेडिंग इन हैंड सैनिटाइजर सर्विस कंपनी की नेहा, सैनिटाइजर के डिस्ट्रिब्यूटर आकाश गोयल और चरण लेबोरेटरीज के संचालक विपिन बंसल का कहना है कि कोरोना काल ने सैनिटाइजर और उससे जुड़े सामानों को बाजार दिया है।
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