हाउस टैक्स में बढ़ोत्तरी न हो
शहर में आवारा कुत्तों का आतंक है। जिसके चलते कई बार कॉलोनी और बाहर वाले आवारा कुत्तों का शिकार हो चुके हैं। सफाई कर्मचारियों को नियमित रूप से कॉलोनियों में साफ सफाई की व्यवस्था करनी चाहिए। हाउस टैक्स में बढ़ोत्तरी नहीं होनी चाहिए। - विष्णु शर्मा, लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के सेवानिवृत कर्मचारी
महिलाओं के लिए शौचालय बनवाएं
नगर निगम नालों की सफाई नहीं करता है, जिसके चलते मच्च्छर हो रहे और बीमारियां फैल रही हैं। महिलाओं के लिए शहर में शौचालय बनने चाहिए। - सोहन लाल कर्दम, राजकीय मेडिकल कॉलेज कर्मचारी महासंघ के संस्थापक
कर्मचारियों को स्थायी बनाएं
पुराने शहर में जलभराव की समस्या है। जिसके लिए शहर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगने चाहिए। आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले कर्मचारियों को स्थायी किया जाना चाहिए। - गिरिश मोहन भारद्वाज, बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारी
भेदभाव से ऊपर उठकर काम करें
महापौर और पार्षद भेदभाव से नगर निगम के सफाई कर्मचारियों से काम कराते हैं। जिसके चलते कई मोहल्लों में सफाई कर्मचारी नहीं पहुंच पाते हैं। निगम ने पार्क में ट्यूबवेल लगवा दी, लेकिन वह नहीं चलीं। जिसके चलते पार्क में भी गंदगी रहने ली। - राजवीर सिंह, बीएसएनएल कर्मचारी
सफाई के प्रति जागरूक रहें
साफ सफाई रखने के लिए नाले ढके जाते हैं, लेकिन मेरठ में नाले खुले रहते हैं। सीवर की समस्या बहुत है, जिसके चलते गंदगी रहती है। महापौर और पार्षद को सफाई के प्रति जागरूक रहना चाहिए। - राकेश चंद्र वर्मा, बीएसएनएल कर्मचारी
वादा न भूलें
पार्टी के नाम पर वोट मांगे जाते है, लेकिन विकास नहीं करते। चुनाव जीतने के बाद सभी प्रत्याशी अपने वादे भूल जाते हैं। पहले के समय में गरीब आदमी चुनाव लड़ सकता था, लेकिन अब चुनाव से गरीब दूर रहता है। लाखों करोड़ खर्च करने वाला कैसे विकास करेगा। - संजय राणा, रोडवेज संगठन कर्मचारी
शहर में पार्किंग बने
वादे होते हैं, निभाए नहीं जाते। शहर में कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते शहर में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। नगर निगम ने बाजारों में शौचालय तक नहीं बनवाएं। महापौर और पार्षद को मिलकर निगम के अधिकाारियों से बातचीत कर जनता से जुड़ी समस्या का निस्तारण करना चाहिए। - विपिन त्यागी, मेडिकल कॉलेज कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष
जनता को समय दें
वोट मांगते समय पब्लिक को प्रत्याशी ढूंढते है। जीतने के बाद पब्लिक उनको ढूंढती है। महापौर और पार्षदों के पास मिलने तक का समय नहीं है। शहर की समस्या और स्मार्ट सिटी बनाने वाले को ही महापौर और पार्षद के लिए पब्लिक वोट दें। - विकास कुमार त्यागी, सिंचाई विभाग के कर्मचारी
निगम समस्या का निस्तारण करें
निगम की कॉलोनियों का पंजीकृरण के लिए अधिकारियों के यहां पर चक्कर काटने पड़ते है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। अगर समय से हाउस टैक्स लिया जाता है तो उनकी समस्या का भी निस्तारण होना चाहिए। - मंजीत सिंह, जिला मंत्री यूपी एग्रीकल्चर मिनिस्टरी एसोसिएशन
टूटी सड़क बनवाएं
दिल्ली रोड से नूरनगर वाली रोड कई सालों से टूटी पड़ी है, जिस पर जनप्रतिनिधि या अधिकारी का कोई ध्यान नहीं है। कई बार समस्या अधिकारियों को स्थानीय लोग अवगत करा चुके है। पार्षद से भी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ऐसा पार्षद या महापौर कैसे विकास करेंगे। - कुश तोमर, जिला मंत्री यूपी एग्रीकल्चर मिनिस्टरी एसोसिएशन
आवारा पशु घूम रहे
शहर में आवारा पशु घूम रहे है। हादसे में कई लोगों की जान तक चलीं गई। शहर में सफाई नहीं होती, जिसके चलते मच्छर हो गए है। मलेरिया फैल रहा है। - राकेश कुमार, मेडिकल कॉलेज का कर्मचारी
सबके विकास के बारे में सोच रखें
पार्षद बनने के बाद भेदभाव खत्म होना चाहिए। किसने वोट दिया या नहीं, उसके लिए सब बराबर होने चाहिए। महापौर और पार्षद मिलकर विकास कार्य करें। शहर में साफ सफाई, सड़कों का निर्माण और स्थानीय लोगों की समस्या का निस्तारण करने वाले महापौर और पार्षद को वोट दें। - समर बहादुर तिवारी, आयकर कर्मचारी महासंघ में वित्त सचिव
अरुण जैसे मेयर होने चाहिए
शहर में अरुण जैन जैसा मेयर बनना चाहिए। अरुण जैन शहर में पहले मेयर थे, जिन्होंने शहर की सड़कों पर साफ सफाई के साथ नालों की दशा भी बदल दी थी। उनके बाद किसी भी मेयर ने विकास कार्य नहीं किए। अब मेयर ऐसा बनें, जोकि जनता से समस्या पूछे और उनका निस्तारण करें। - राजेश कुमार, आयकर विभाग के ज्वाइंट सेकेट्री
अवैध डेरियां बाहर हो
शहर में आवारा पशु और बंदरों का आतंक है। शहर में अवैध डेरियां है, जोकि बाहर होनी चाहिए। कूड़ा नहीं उठता, रोजाना गंदगी के अंबार लगे रहते है। - कपिल राणा, मेडिकल कॉलेज कर्मचारी
जीवन बचाये, विकास भी कराएं
मेरठ में प्रदूषण बहुत है। मेयर और पार्षद को मानसिकता बदलनी होगी। कूड़े का ढेर खत्म होना चाहिए। दिल्ली और अन्य राज्यों से ज्यादा प्रदूषण मेरठ में हो जाता है। जिसके चलते हवा जहरीली बन जाती है। शायद यहीं वजह है कि कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। पहले जीवन बचाये, बाद में विकास भी कराएं। - बनी सिंह चौहान, मंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
हमें भी जागरूक होना होगा
हमें भी जागरूक रहने की जरूरत है। मेयर और पार्षद की मानसिकता अच्छी होनी चाहिए। निगम अत्याधुनिक मशीनें लें आया, लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। नालियां टूट जातीं और जनभराव रहने लगता है। नालों से निकाला कूड़ा कई दिनों तक सड़क पर पड़ा रहता है। जिससे सड़क हादसे में कई लोगों की जान तक जा चुकी है। शहर का विकास करना है तो सबको जागरूक बनना होगा। नियमानुसार काम करने की जरूरत है। - हरीश वाधवा, मैनेजर, एसबीआई
सड़क और स्ट्रीट लाइट खराब
सड़क खराब है, स्ट्रीट लाइट जलती नहीं है। गंदगी का अंबार है। जयभीमनगर में गंदगी के चलते लोग वहां आना भी पसंद नहीं करते। स्थानीय लोग कई बार निगम और स्थानीय पार्षद से शिकायत कर चुके, बावजूद कोई काम नहीं हुआ। - अखिलेश कुमार वर्मा, मेडिकल कॉलेज कर्मचारी