लापता हो चुके माइनर की जमीन पर कब्जा करने के लिए नगर निगम को जिम्मेदार बताने वाला सिंचाई विभाग का नोटिस भी अब लापता हो गया है। बुधवार को सिंचाई विभाग ने नगर निगम को नोटिस जारी करने का दावा किया था। बृहस्पतिवार तक नगर निगम को नोटिस नहीं मिल सका। इससे विभागों के बीच ही खींचतान शुरू हो गई है।
मेरठ में मलियाना से निकल रहे माइनर की अमर उजाला ने पड़ताल शुरू की तो परत-दर-परत खुलनी शुरू हो गई। सिंचाई विभाग ने नगर निगम पर 5.05 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। सिंचाई विभाग अधिकारियों का कहना है कि मलियाना से निकल रहे मेरठ माइनर पर फतेहउल्लापुर तक सड़क बन गई है। इसके दोनों तरफ कॉलोनियां विकसित हो गई हैं। सिंचाई विभाग ने नगर निगम को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब देने का समय दिया है। इसके बाद ही शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। सिंचाई विभाग का कहना है कि नगर निगम को या तो उस भूमि की एवज में सिंचाई विभाग को इतनी जमीन देनी होगी या फिर उसकी कीमत जमा करनी होगी।
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हमें नोटिस नहीं मिला
माइनर से संबंधित कोई भी नोटिस हमें प्राप्त नहीं हुआ है। जब भी हमें नोटिस प्राप्त हो जाएगा, अपने स्तर से इसकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा।
- डॉ. अरविंद चौरसिया, नगरायुक्त
हमने जारी कर दिया नोटिस
मामले को गंभीरता से लेते हुए नोटिस बुधवार को ही जारी कर दिया है। पहले नगर निगम हमें रिपोर्ट दे, उसके बाद कार्रवाई होगी। शासन को भी अवगत कराया जाएगा।
- आशुतोष सारस्वत, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
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