इसके साथ ही पैसे लेकर डिग्री बनवाने में सहयोग करने और रोजाना आने वाले फार्मों पर भी डिग्री देने की लापरवाही करने वाले 10 अफसरों-कर्मचारियों पर जांच के लिए उच्चस्तरीय तीन सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। इसमें प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज डायरेक्टर प्रो. जयमाला और प्रो. एसकेदत्ता शामिल हैं। ये कमेटी कर्मचारियों-अफसरों के बारे में कुलपति को रिपोर्ट देगी, जिसके बाद कई अफसर-कर्मचारी ओर नप सकते हैं। कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने डिग्री के साथ मार्कशीट का भी रिकॉर्ड तलब करा लिया है।
कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने बताया कि विवि इस तरह का गलत कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो ऐसा करने वालों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराएगा।
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