गेझा में भूमि चिह्नित, वार्ता न होने से बात आगे नहीं बढ़ी
यूपीएसआईडीसी ने गेझा में 150 किसानों की 250 एकड़ जमीन को औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिह्नित किया है। शासन ने प्रस्ताव को जल्द पूरा करने का आदेश भी दिया मगर जिला प्रशासन की हीलाहवाली के कारण प्रस्ताव अटका पड़ा है। किसान जमीन देने को तैयार हैं मगर प्रशासन वार्ता ही नहीं कर रहा। अगर गेझा की जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र बना तो यहां 250 एकड़ जमीन में से 150 एकड़ भूमि सड़क, संसाधन व अन्य विकास में जाएगी। 100 एकड़ जमीन पर इकाइयां स्थापित हो सकती हैं।
500 करोड़ का सीधा निवेश संभव
200 एकड़ जमीन की मांग तो वो है जो दिख रही है, इसके अतिरिक्त जमीन की अन्य उद्यमियों की मांग भी है। इतनी जमीन में सीधे 500 करोड़ का औद्योगिक निवेश संभव है। नए कारोबार शुरू हो सकते हैं।
- पंकज गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए
भूमि के प्रस्ताव पर काम आगे बढ़ाएंगे
औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए गेझा में भूमि का प्रस्ताव तैयार है। इस पर काम शुरू होगा। अन्य स्थान पर जिले में जमीन मिलना मुश्किल हो रहा है। जमीन खाली नहीं है। उद्यमियों को भूमि देने में परेशानी आ रही है।
- सतीश कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीएसआईडीसी
तीन हजार लोगों का रोजगार प्रभावित
जमीन की कमी से औद्योगिक निवेश आगे नहीं बढ़ रहा। अगर जमीन हो तो नई फैक्टरी लगेंगी और पुरानी फैक्टरी का विस्तार हो। उत्पादन और रोजगार बढ़ेगा। 500 करोड़ के निवेश से तीन हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
- रवि प्रकाश अग्रवाल, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री
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