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कोरोना पर एक्सक्लूसिव: केजीएमयू के प्रोफेसर ने दिया अमर उजाला के हर सवाल का जवाब, ऐसे जीतेंगे जंग

Thu, 14 May 2020 02:21 AM IST
कपिल kapil अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • खत्म होगा कोरोना का किस्सा.. सावधानियों को बना लें जिंदगी का हिस्सा
  • केजीएमयू लखनऊ से ओएसडी बनाकर भेजे गए डॉ. वेदप्रकाश ने की अमर उजाला से खास बातचीत
  • कोरोना से बचाव के दिए खास टिप्स, कहा- मेरठ क्रांति की धरती, यहां के लोग योद्धा, जीत लेंगे जंग
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केजीएमयू लखनऊ के प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में मेडिकल कॉलेज के अव्यवस्थाओं के ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश सरकार ने किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) लखनऊ के प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश को मेडिकल कॉलेज का ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) बनाकर भेजा है। उन्होंने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्राचार्य से लेकर सभी 24 विभागों के प्रभारियों से बातचीत की है। कोविड-19 अस्पताल का निरीक्षण किया है। मरीजों से लेकर पूरे मेडिकल स्टाफ से परेशानी जानी। बुधवार को डॉ. वेदप्रकाश ने ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत की।

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सवाल- तेजी से फैलते कोरोना को रोकने के लिए क्या किया जा सकता है?

जवाब: इससे घबराने की जरूरत नहीं है। यह बीमारी फैलती तेजी से है। लेकिन करीब 85 प्रतिशत मरीज आराम से ठीक हो जाते हैं। सिर्फ छह प्रतिशत मरीजों को ही आईसीयू की जरूरत पड़ती है। मौत का प्रतिशत महज तीन प्रतिशत तक है। इससे बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोना उपाय है। आमतौर पर दिन में करीब 90 बार हाथ मुंह तक जाता है। सभी को इसकी ट्रेनिंग लेनी होगी कि ऐसा करने से बचा जाए। कोरोना खत्म होगा। लेकिन इसके लिए सावधानियों को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाना होगा। 

सवाल - बचाव के लिए किस तरह की छोटी-छोटी सावधानियां बरत सकते हैं?

जवाब: आप एक बॉल पेन की मदद से भी आसानी से एहतियात बरत सकते हैं। जैसे एक पेन या बॉल पेन की निब निकालकर उसकी मदद से आप स्विच खोल-बंद कर सकते हैं। जो जिसे इससे खुल या बंद हो सकते हैं उसमें प्रयोग कर सकते हैं। घर का खुला हुआ दरवाजा बंद कर सकते हैं। उसके हैंडल को नहीं छूना पड़ेगा। बाद में बॉल पेन को कैप लगाकर रख सकते हैं। अगर उसकी टॉप पर कोरोना वायरस होगा भी तो वह संक्रमित नहीं कर पाएगा। 
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सवाल - कोरोना वायरस से घबराने की जरूरत क्यों नहीं है, लोगों में इसे लेकर काफी डर है? 

जवाब: घबराने की जरूरत इसलिए नहीं है कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से कोरोना के मुकाबले ज्यादा लोगों की मौत होती है। फिर भी उसे लेकर ज्यादा डर नहीं है। इसमें एहतियात उन लोगों को बरतनी है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है। जो हाई रिस्क जोन में आते हैं। इनमें छह साल से कम उम्र के बच्चे, 58 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति और गर्भवती महिलाएं या बीमार आदमी जो पहले से हृदय, फेफड़े, किडनी आदि रोग से ग्रस्त हों। लोग यह नियम बना लें कि घर से किसी बुजुर्ग को बाहर ना भेजें। अगर कोई जाए तो वह युवा हो और वह भी पूरी एहतियात के साथ जाए।

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सवाल - मेरठ में कोरोना के मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही है, मेरठ वासियों के लिए क्या कहना चाहेंगे?

जवाब: मेरठ की आबादी करीब 40 लाख होगी। यह क्रांति की धरती है। यहां आजादी की जंग लड़ी गई। यहां के लोग योद्धा हैं। कोरोना की इस जंग को भी आसानी से जीत लेंगे। बस, उन्हें एहतियात बरतनी होगी। जो सावधानियां है, उनका पालन करना होगा। 

सवाल - कोविड-19 वार्ड की जो भी परेशानियां हैं, उन्हें दूर करने की क्या तैयारी हैं?

जवाब: कुछ समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जा रही है। मरीजों को भी इससे राहत मिलेगी। चिकित्सकों और स्टाफ के लिए ऐसी व्यवस्था करने की कोशिश है कि वे पीपीई किट पहनकर आठ घंटे तक रहें तो इस दौरान उन्हें ऐसा कमरा दिया जाए जिसमें वे कुछ देर ठंड का भी एहसास करें। ताकि वह ड्यूटी भी बखूबी निभा सकें और उन्हें परेशानी भी कम हो। इसके लिए अस्पताल को तैयार करने वाले पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर से बातचीत हुई है। उनसे नक्शा मांगा गया है। मंथन किया जा रहा है। 

सवाल - कोरोना के मद्देनजर भारत की वर्तमान में क्या स्थिति है? 

जवाब: बाकी देशों के मुकाबले भारत बहुत अच्छी स्थिति में है। हमारे देश के लोगों में इस तरह की बीमारियों से लड़ने के लिए जो रोग प्रतिरोधक क्षमता चाहिए, वह बाकी देशों के मुकाबले मजबूत है। इस तरह की बीमारियां एक बार होने के बाद दोबारा नहीं होती हैं, इसकी वजह यह है कि इम्युनिटी तैयार हो जाती है और वह फिर इफैक्ट नहीं करता है। 

डॉ. वेद प्रकाश एमडी हैं। केजीएमयू की पल्मोनरी (श्वसन चिकित्सा) व क्रिटिकल केयर यूनिट के हेड हैं। इस समय मेरठ मेडिकल कॉलेज के ओएसडी बनाकर भेजे गए हैं। वह सीधे शासन को रिपोर्ट करेंगे। 

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