मेरठ। अलविदा ए हुसैन अलविदा......अलविदा शाहे मशरकैन अलविदा... नौहे के साथ शिया सोगवारों ने चेहल्लुम पर इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को अलविदा कहा। पैगंबर ए इस्लाम हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और शौहदाए कर्बला का चेहल्लुम अकीदत और गमगीन माहौल में मनाया गया। घंटाघर सहित जैदी फार्म, लोहियानगर में इमामबारगाहों और अजाखानों में मजलिसें हुई और जुलूस निकाले गए।
हुसैनाबाद पूर्वा फैयाज अली स्थित अलहाज डॉ. सैय्यद इकबाल हुसैन मरहूम के अजाखाने में लखनऊ से आए मशहूर आलिम मौलाना अबू इफ्तेखार ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने अपनी और 71 जानिसारों की कर्बला में शहादत पेश कर न सिर्फ दीन ए इस्लाम बल्कि पूरी इंसानियत को बचा लिया। असीराने कर्बला पर हुए जुल्मों सितम बयां किए तो हुसैनी सोगवारों की आंखें नम हो गईं। इससे पूर्व अलहाज सैय्यद शाह अब्बास सफवी ने सौजेख्वानी की। अंजुमन दस्तये हुसैनी के हुमायूं अब्बास ताबिश, दानिश मेरठी ने गमगीन नौहे पढ़े। अनवार हुसैन मरहूम व अफजाल हुसैन मरहूम के अजाखाने कोठी अतानस में भी मजलिस हुई। मनसबिया घंटाघर में आयोजित मजलिस में मौलाना इरफान हैदर की तकरीर के बाद जुलजुनाह की जियारत बरामद हुई। अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू, चांद मियां ने पुरसौज नौहेख्वानी की।
सुबह नौ बजे ताजिया हुआ बरामद
जुलूस-ए-ताजिया इमामबारगाह करीम बख्श जाटव गेट से सुबह नौ बजे ताजिया बरामद हुआ। यह जाटव गेट पुलिस चौकी से होता हुआ वापस इसी इमामबारगाह पहुंचकर संपन्न हुआ। अपराह्न 3 बजे चौड़ा कुंआ स्थित छोटी कर्बला में मौलाना शब्बर अली खां की तकरीर के बाद कदीमी जुलूस-ए-ताजिया हसन मुर्तजा के प्रबंध में बरामद हुआ। इसमें जुलजुनाह हजरत अब्बास के अलम भी शामिल थे। मनसबिया, घंटाघर से ताजिया इस जुलूस में शामिल हुआ। इसमें अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू, चांद मिया, रविश ने, तालिब जैदी के संचालन में तंजीम-ए-अब्बास के सफदर अली, कासिफ अतीक-उल-हसनैन और दारेन जैदी, जिया जैदी तथा दस्तये हुसैनी के हुमायूं अब्बास ताबिश, दानिश मेरठी, गिजाल रजा ने पुरसौज नौहेख्वानी की। सोगवारों ने जंजीरी मातम कर खुद को लहूलुहान किया। यह देख हर किसी की आंखें छलक उठी।
कड़ी रही सुरक्षा
जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच घंटाघर रेलवे रोड़, ईदगाह चैराहे से गुजरता हुआ हाजी साहब पहुंचा जहां ताजिये और तबरूकात दफन किए। कर्बला मनसबिया पहुंचकर अंजुमनों ने अलविदा या हुसैन की सदाओं के बीच नौहे पढ़कर गमगीन माहौल में इमाम हुसैन को अलविदा कहा। जुलूस में मोहर्रम कमेटी के संयोजक अलहाज सैय्यद शाह अब्बास सफवी, डॉ. सरदार हुसैन, फखरी जाफरी, बाकर जैदी, मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी, संगठन मंत्री हाजी शमशाद अली जैदी, वसी हैदर एडवोकेट, रियाज जैदी एडवोकेट, हामिद अली जमाल, नियाज हुसैन गुड्डू, मासूम असगर, कौसर रजा, नजमुल हसन, जिया जैदी, रईस जैदी, हैदर अब्बास सौगवार शामिल रहे। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी द्वारा शर्बत तकसीम किया। इससे पूर्व कर्बला मनसबिया में अलविदाई मजलिस हुई। रात में अंजुमन ताहफ्फुज-ए-अजादारी की जानिब से मनसबिया शैक हॉस्टल में अंजुमन इमामिया ने आग पर मातम किया।
जैदी फार्म में जुलूस बरामद
दरबार ए हुसैनी पुरानी कोठी से मजलिस के बाद जियाराज, जुलजुनाह और ताजिये का जुलूस दोपहर 2.30 बजे बरामद हुआ। जुलूस जैदी फार्म इमली वाली मस्जिद, अब्बास पैलेस, शाहजमाल हॉल, नई कोठी जैदी साहब से होता हुआ कर्बला सोसायटी पहुंचा जहां ताजिये व तबरूकात दफन किए गए। हुसैनी सोगवारों ने जंजीरों से मातम किया। नौहेख्वान जावेद रजा ने जैनब रिहाई पाकर जिंदा से जा रही है- सितम शह की मजलिस सजा रही है, नौहा सुनाया। अंजुमन जैदी फार्म के जावेद रजा, शाहबाज, नजर अब्बास, हसन मियां, शाहनवाज, अफसर हुसैन, अंजुम जैदी, शुएब जैदी ने नौहे पढ़े।
मोहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी ने बताया 8 रबी-उल-अव्वल तक सोग और मजलिसों का सिलसिला जारी रहेगा। मोहर्रम कमेटी के संयोजक अलहाज सैय्यद शाह अब्बास सफवी ने प्रशासनिक व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन व मीडिया के योगदान के लिए धन्यवाद अदा किया।