परतापुर/मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण और अंसल के बीच 600 आवंटी पिस रहे हैं। वर्ष-2006 में प्लॉट खरीदने के बाद भी आवंटियों को कब्जा मिलने का इंतजार है। इससे पहले भी वह कई बार दिल्ली-देहरादून बाईपास स्थित सुशांत सिटी में अंसल कार्यालय का घेराव कर चुके हैं।
बृहस्पतिवार को भी 50 से अधिक आवंटियों ने अंसल कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। अंसल अधिकारियों ने आवंटियों को 15 अगस्त तक का समय दिया है। आवंटियों ने समस्या का आश्वासन न होने पर 19 अगस्त से धरने पर बैठने की चेतावनी दे दी है। वेदव्यासपुरी स्थित सुशांत सिटी की अंसल कॉलोनी के सेक्टर चार में मेरठ, गाजियाबाद, गुरुग्राम, दिल्ली और नोएडा के लगभग छह सौ आवंटियों ने वर्ष 2006 में प्लॉट खरीदे थे। जिसमें अंसल के द्वारा आवंटियों के साथ दो साल बाद कब्जा देने का करार किया गया था। आवंटियों द्वारा लगभग 95 प्रतिशत धनराशि अंसल को भुगतान कर दी गई थी।
बृहस्पतिवार को गुस्साए दर्जनों आवंटियों ने अंसल गेट पर पहुंचकर हंगामा कर दिया। गेट पर तैनात गार्डों ने आवंटियों को रोकने का प्रयास किया तो लोग भड़क गये। जिसके बाद आवंटियों व गार्डों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। मेरठ निवासी अतुल सिरोही ने बताया कि सभी आवंटियों के द्वारा एमडीए, आयुक्त और रेरा में ऑनलाइन शिकायत की गई थी। जिसके बाद भी समस्या का कोई समाधान नही निकला। बता दें कि एमडीए का अंसल एंक्लेव पर 31 करोड़ रुपये बकाया है, जिसके कारण सभी आवंटियों के प्लाटों की कोई रजिस्ट्री नही हो पा रही है। इस दौरान बादल चौधरी, कपिल, बाबूराम, रामादेवी, सुरेश, विपिन, धीरज आहुजा, अतुल सिरोही, संजीव धीर, विपिन मेहता, वीर महेंद्र सिंह, केपी सिंह, सीमा गुप्ता,राशि जैन, शशी त्यागी, विक्रांत आदि लोग मौजूद रहे।