-मौसम में नमी से त्वचा रोगियों की संख्या 20 प्रतिशत बढ़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बारिश के मौसम में नमी बनने से अस्पतालों में त्वचा रोगियों की संख्या लगभग 20 प्रतिशत बढ़ गई है। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश में भीगने व नमी की वजह से त्वचा रोग बढ़ते हैं। ऐसे मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
जिले में पिछले करीब 15 दिन से मौसम में बार-बार बदलाव हो रहा है। कभी तेज धूप निकलती है तो कभी बारिश हो रही है। एक सप्ताह से तो बारिश व बूंदा-बांदी का मौसम चल रहा है। इस मौसम में सरकारी व निजी अस्पतालों में त्वचा संबंधी मरीज बढ़ गए हैं। सीएचसी शामली में लगभग 550 मरीज रोज आ रहे हैं। 15 दिन पहले तक त्वचा संबंधी 40 से 50 मरीज आ रहे थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 65 से 70 तक हो गई है। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है बारिश के मौसम में नमी व भीगने की वजह से त्वचा संबंधी रोग होने की संभावना रहती है। ऐसे मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है। उनका कहना है कि बारिश में त्वचा रूखी व शुष्क नजर आती है। त्वचा पर चमक लाने के लिए लोग कोई भी क्रीम लगा लेते हैं, उससे त्वचा पर एलर्जी व संक्रमण हो सकता है। इसलिए बिना चिकित्सक की सलाह के न तो कई दवा लें और न ही कोई भी क्रीम लगानी चाहिए। त्वचा संबंधी कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह से ही उपचार कराएं।
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ये बरतें सावधानी
- बारिश में भीगने से बचें।
- बारिश में भीगने पर साफ पानी से नहाएं।
- अधिक समय तक शरीर को गीला न रखें।
- गीले व नमी वाले कपड़े न पहनें।
- घर में परिवार के एक-दूसरे सदस्य का तौलिया इस्तेमाल न करें।
- चिकित्सक की सलाह के बिना कोई दवा न लें और न क्रीम लगाएं।