संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान सरधना विधानसभा क्षेत्र में फार्म-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर शिकायत सामने आई है। आरोप है कि सुनियोजित तरीके से विशेष समुदाय के वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
शुक्रवार को शाहवेज अंसारी व हनीफ राणा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले की शिकायत की। ज्ञापन में आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व भ्रामक और तथ्यहीन सूचनाओं के आधार पर फार्म-7 भरकर संबंधित बीएलओ और अधिकारियों को सौंप रहे हैं, जिससे योग्य मतदाताओं के नाम कटवाए जा सकें। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी को भी भेजी गई है।
शाहवेज अंसारी ने मांग की कि बिना स्थलीय सत्यापन और पुख्ता प्रमाण के किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाए। हनीफ राणा ने कहा कि फार्म-7 की प्रक्रिया का दुरुपयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास है। ज्ञापन देने वालों में शमीम अहमद, अतीक अहमद, फैजान अहमद, आरिफ मिर्जा, जफर, अजीम, तय्यब अंसारी, सहरीन अंसारी, हाजी कासिम, शाहबाज खान मौजूद रहे।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना विधिवत प्रक्रिया और सूचना के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।
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एसआईआर : आपत्ति दर्ज कराने का अंतिम मौका 6 मार्च तक
- 10 अप्रैल को होगा मतदाता सूची का प्रकाशन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। सिवाल खास विधानसभा क्षेत्र के सरूरपुर ब्लॉक अंतर्गत मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत नोटिस पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है। इस क्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों में करीब 5300 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अब तक लगभग 55 प्रतिशत लोगों ने नोटिस पर उपस्थित होकर सुनवाई कराई है। करीब 45 प्रतिशत लोग अब तक सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुए हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। एईआरओ सरूरपुर न्यायिक तहसीलदार अनुजा अत्री ने बताया कि जिन मतदाताओं ने समय रहते अपने दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं उनके नामों के संबंध में अंतिम निर्णय नियमों के अनुरूप लिया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 10 अप्रैल को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। नोटिस पर छह मार्च तक आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। इससे पहले जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनके लिए यह अंतिम अवसर है कि वह निर्धारित समय के भीतर संबंधित कार्यालय में पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएं।
एईआरओ सरूरपुर न्यायिक तहसीलदार अनुजा अत्री ने लोगों से अपील की है कि मतदाता सूची में नाम शामिल होना लोकतांत्रिक अधिकार है। जिन लोगों ने अब तक नोटिस पर सुनवाई नहीं कराई है, वह जल्द से जल्द उपस्थित होकर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करें। किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति में मतदाता अपने क्षेत्रीय बीएलओ या संबंधित निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
सरूरपुर। बूथ पर जाकर नोटिसों पर सुनवाई करती न्यायिक तहसीलदार अनुजा अत्री। संवाद