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Meerut News: गोदाम आवंटन में अनियमितता, तोड़फोड़ के आरोप, जांच की मांग

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खरखौदा में सहकारी संघ वह गोदाम जिसकी शिकायत की गई है (शिकायतकर्ता)
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- मेरठ सहित लखनऊ तक भेजी गई शिकायत
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। खरखौदा सहकारी संघ के दवाई गोदाम के आवंटन में अनियमितता, भवन में तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति से सामान निकालने के आरोप लगे हैं। गांव सेतकुआं निवासी सियानंद सिंह ने सहकारी समितियां मेरठ मंडल के सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक को शिकायत भेजी है। उन्होंने गोदाम का आवंटन निरस्त करने, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में निजी ठेकेदार आदेश कुमार को बिना खुली निविदा और सार्वजनिक मुनादी के न्यूनतम दर पर गोदाम आवंटित करने का आरोप है। ठेका मिलने के बाद भवन के मूल ढांचे में तकनीकी नियमों की अनदेखी कर तोड़फोड़ की गई। भवन में लगी लकड़ी की खिड़कियां और दरवाजे कथित तौर पर निकालकर ले जाए गए। इससे भवन की मजबूती प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। सियानंद सिंह ने उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1965 की धारा 65 के तहत जांच की मांग की है। उन्होंने संपत्ति, वित्तीय अनियमितताओं और संबंधित अभिलेखों की जांच का आग्रह किया है। परिसर का भौतिक निरीक्षण तथा नुकसान की जिम्मेदारी तय कर क्षतिपूर्ति वसूलने की भी मांग की गई है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की है।
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शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का हवाला दिया है। उन्होंने गोदाम का आवंटन तत्काल निरस्त करने की मांग की है। मौके का निरीक्षण कर अभिलेखों और वास्तविक स्थिति का मिलान कराने को कहा गया है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सामान चोरी करने के आरोपों में संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारियों ने 10 वर्षों के लिए मात्र 1500 रुपये प्रति माह किराए पर दुकान दी है। जबकि इसका बाजार मूल्य 8000 से 10 हजार रुपये प्रति माह है।
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सहायक निबंधक सहकारिता विभाग अमित त्यागी ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद यदि आरोप सिद्ध होता है तो संलिप्त सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। समिति के एमडी जयशंकर पांडे ने बताया कि यह प्रस्ताव जिले के अधिकारियों की सहमति पर बना है।
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