केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी।
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केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कैराना मामले को सांप्रदायिक नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। लेकिन भाजपा को छोड़ अन्य सभी दल राजनीति में लगे हुए हैं। मंगलवार को विश्व योग दिवस पर क्रीड़ा भारती और चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित योग शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने आये मुख्तार अब्बास नकवी ने पत्रकारों से वार्ता में यह बात कही।
संयुक्त व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष अरुण वशिष्ठ के आवास पर बातचीत में मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि पलायन धार्मिक मामला नहीं है। सिर्फ यह देखना है कि किस दबाव में लोग पलायन कर रहे हैं। इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस समस्या का ठोस निदान करना होगा। जमीनी स्तर पर सच्चाई का पता लगाया जाए और कैराना के लोगों को सुरक्षा व सम्मान मिले।
बिसाहड़ा कांड पर नकवी ने कहा कि यह मामला खत्म हो चुका है। लेकिन प्रदेश सरकार के जिन मंत्रियों ने इस मुद्दे पर बयानबाजी की या घटना को कुछ और मोड़ देने का प्रयास किया, उन्हें स्थानीय स्तर पर माफी मांगनी चाहिए। मथुरा का जवाहरबाग कांड एक षड्यंत्र था। इसमें प्रदेश सरकार के मंत्रियों की साठगांठ की पोल खुल गई है।
नकवी ने कहा कि राम मंदिर बनना चाहिए, लेकिन यह भाजपा का चुनावी मुद्दा न कभी रहा और न होगा। अब सपा की विदाई की बेला आ चुकी है। इस बार उत्तर प्रदेश में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनायेगी। इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक रविंद्र भड़ाना, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, विनीत अग्रवाल शारदा, बिजेंद्र अग्रवाल, पवन मित्तल, कमल ठाकुर, नीरज त्यागी, मुकेश सिंघल, गजेंद्र शर्मा, मनोज शर्मा, जगपाल सिंह बौद्ध, राजीव गोयल, अंकित अग्रवाल आदि मौजूद रहे।