घटना के बाद से परिवार में सन्नाटा पसरा है और हर किसी के चेहरे पर दुख है। कांस्टेबल के पिता सुनील ने बताया कि 25 दिसंबर को सात दिन की छुट्टी पर अर्जुन गांव आया था। छुट्टी के दौरान वह घर में हंसी-खुशी रहा। एक जनवरी को ही उसने ड्यूटी पर वापसी की थी। उसकी बातों से घरवालों को कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वह नौकरी को लेकर किसी तनाव में है। अर्जुन के रिश्ते की भी अभी तक कोई बातचीत नहीं चल रही थी। मां उमा घटना को सुनकर गुमसुम है। उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह कहती हैं कि बेटे ने यह क्या कर दिया। अब उसकी जिंदगी का क्या होगा। ड्यूटी पर रहने के दौरान अर्जुन हर दूसरे-तीसरे दिन घर फोन कर परिवार का हाल-चाल लेता रहता था।
गृह विभाग ने तलब की रिपोर्ट
आरपीएसएफ के सीओ की हत्या के बाद मेघालय से दिल्ली तक हड़कंप मच गया। रेल मंत्रालय से गृह विभाग ने तत्काल रिपोर्ट तलब की। चुनावी सेल के असिस्टेंट कमिश्नर और आरपीएसएफ के जीआईजी अजय कुमार शर्मा ने आईजी को मामले की तत्काल रिपोर्ट दी। डीआईजी शर्मा ने बताया कि चुनाव यूआईडी नंबर 812 की ड्यूटी मेघालय में लगाई गई थी। 6 बटालियन की टुकड़ी वेस्ट खासी हिल्स में तैनात थी, जहां यह वारदात हुई।
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