दौराला (मेरठ)। बच्चों की सुपुर्दगी की उम्मीद और मन्नत लेकर मुस्लिम महिला अलीशाबानो भी कांवड़ यात्रा में शामिल हुई हैं। शुक्रवार को दिल्ली-दून हाईवे पर दादरी बॉर्डर के रास्ते मेरठ सीमा में प्रवेश करने पर सकौती में युवा बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष आदेश चौधरी ने उनका स्वागत किया। उन्होंने अलीशा बानो और उनके साथ कांवड़ ला रहीं तमन्ना को भगवान राम परिवार और वीर हनुमान की प्रतिमा भेंट की। साथ ही हरसंभव सहयोग और मदद का भरोसा दिया।
गाजियाबाद डासना की रहने वाली अलीशा बानो ने बताया कि उनके पति इरफान ने उन्हें तलाक दिया था। आरोप है कि उन पर हलाला करने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उनके दोनों बच्चों अलीना और इसरान को अपने पास रख लिया गया। बच्चों की सुपुर्दगी के लिए वह दिल्ली की अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को वापस पाने की मन्नत लेकर वह कांवड़ यात्रा पर निकली हैं। हरिद्वार से लाए गए गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी।
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अलीशा बानो ने कहा कि हिंदू धर्म और यहां के लोग अच्छे हैं। कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त और सेवा शिविर लगाने वाले लोग भी सहयोग और सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें कहीं असहज महसूस नहीं हुआ।
मन्नत पूरी हुई तो दोबारा लाई कांवड़
उनके साथ कांवड़ लेकर चल रहीं तमन्ना मलिक ने बताया कि उन्होंने फरवरी में एक मन्नत के साथ कांवड़ यात्रा की थी। भगवान भोलेनाथ ने उनकी मनोकामना पूरी कर दी। इसी श्रद्धा के चलते वह दोबारा कांवड़ लेकर निकली हैं। इस बार अपनी कांवड़ का जोड़ा भी पूरा कर रही हैं। तमन्ना ने कहा कि वह बच्चों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहीं साथी कांवड़ियां अलीशा बानो का समर्थन करती हैं। यात्रा में शामिल शिवभक्तों ने भी अलीशा बानो की मन्नत पूरी होने की कामना की।