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डॉक्टर से जेल से रंगदारी मांगी, तभी दूसरे कुख्यात ने फोन कर कहा- यह मेरा शिकार है

Thu, 13 Apr 2017 06:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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जेल में बंद युवक ने दी धमकी
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वेस्ट यूपी में कुख्यातों के बीच गैंगवार छिड़ने के अंदेशे पर जेलों में अलर्ट जारी हो गया है। जेल से कुख्यात रंगदारी न देने पर उद्यमी व डॉक्टरों को जान से मारने की धमकियां दे रहे है। एक ही व्यापारी या डॉक्टर से कई कुख्यात रंगदारी मांग रहे हैं। मामला शासन तक पहुंचा तो मेरठ जेल को कुख्यात संदीप उर्फ भरतू नाई और कपिल बक्सर को दूरदराज की जेल में शिफ्ट करने के आदेश दे दिए गए।
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सपा शासनकाल में पुलिस ने सुशील मूंछ, भूपेंद्र बाफर, सलीम पतला, योगेश भदौड़ा, ऊधम सिंह, संदीप उर्फ भरतू नाई, अमित उर्फ मोनू जाट और कपिल बक्सर समेत करीब 120 अपराधियों को जेल भेजा था। जिसमें सुशील मूंछ, भूपेंद्र बाफर  सहित 35 लोग जमानत पर बाहर आ गए। मेरठ समेत वेस्ट यूपी की जेलों में बंद कुख्यात लगातार फोन या चिट्ठी के जरिये व्यापारी, उद्यमी व डॉक्टरों से रंगदारी मांग रहे है। कई लोग जान का खतरा बताकर पुलिस से सुरक्षा मांग चुके है। वहीं, जेल से अलग-अलग कुख्यातों द्वारा फोन करके रंगदारी मांगने से कुख्यातों में ही टकराव की स्थिति बनी हुई है। जेल में खूनखराबा न हो, इसको लेकर अलर्ट जारी हुआ है। 

ये मेरा शिकार, तू दूसरा पकड़ ले 
जेल में बैठे कुख्यात एक-दूसरे को फोन भी कर रहे हैं। मेरठ के एक नामी डॉक्टर से जेल से एक कुख्यात ने दस लाख की रंगदारी मांगी। तभी दूसरे कुख्यात ने उसको फोन किया कि यह मेरा शिकार है, तू दूसरा पकड़ ले। इसको लेकर दोनों कुख्यातों में फोन पर बहस हुई और एक-दूसरे को भुगतने की धमकी दे दी गई। यह अकेला मामला नहीं है। खुफिया विभाग ने वेस्ट यूपी में ऐसे करीब 18 मामले जुटाए हैं। खुफिया विभाग ने भी कुख्यातों में गैंगवार छिड़ने का अंदेशा जताया है। 
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गैंगवार में मारा यशपाल राठी 
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यशपाल राठी की हत्या भी दो कुख्यातों की गैंगवार में हुई है। जेल से एक कुख्यात बार बार धमकी देता था कि कई बड़े बदमाशों के मरने का समय आ गया। इन बदमाशों के वजह से कई लोग रंगदारी नहीं दे रहे है। जेल में बैठे कुख्यात एक-दूसरे गैंग के बारे में जानकारियां जुटाने में लगे हैं। इंटेलीजेंस ने इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी। मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में मारे गए बदमाशों की हत्या कैसे और क्यों हुई, यह राज बनकर रह गई। 

जांच में खुलता चला गया केस 
यशपाल को सुशील मूंछ का खास आदमी बताया जाता था। हत्या में परिजनों ने अज्ञात में केस दर्ज कराया। पुलिस की जांच में एक बड़े बदमाश के शूटरों का नाम सामने आया था। पुलिस ने मेरठ और बागपत के रोहित सांडू, विक्की जाट, सद्दाम, मानसिंह पल्हैड़ा, अंकुश डाबका समेत छह बदमाशों को मुकदमे में शामिल किया। जिसमें एक कुख्यात का शूटर अंकुश फरार है। अंकुश के पकड़े जाने पर यशपाल की हत्या का सही खुलासा होगा।

जेलों में कुख्यातों के सुने गए फोन
यूपी की अलग-अलग जेलों में बंद कुख्यात लगातार फोन पर अपडेट हैं। इसकी जानकारी पुलिस अफसरों को भी है। पुलिस और जेल प्रशासन कुख्यातों पर शिकंजा नहीं कस सके। लेकिन उन्होंने कुछ कुख्यातों के फोन जरूर सुने। उसके आधार पर पुलिस ने इनसे जुडे़ कई बदमाश पकड़े हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जेल में बैठे कुख्यात रंगदारी से ज्यादा दूसरे बदमाशों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।

भरतू उन्नाव, कपिल सीतापुर शिफ्ट
मेरठ जेल से संदीप उर्फ भरतू नाई निवासी रोहटा और कपिल निवासी कसेरू बक्सर लगातार लोगों से रंगदारी मांग रहे हैं। दोनों कुख्यातों को एक बदमाश ने समझाया भी कि वह उनके लोगों से रंगदारी न मांगे। इसके बावजूद भी वह लगातार अपने गुर्गे भेजकर रंगदारी मांग रहे हैं। शासन ने जेल प्रशासन को कुख्यात भरतू नाई को उन्नाव और कपिल को सीतापुर जेल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। 
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