गाय और भैंस के दूध के निर्धारित मानक
मुख्य खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गाय का दूध थोड़ा पतला होता है। गाय के दूध में चार प्रतिशत वसा और साढ़े आठ प्रतिशत सॉलिड नॉट फैट होना चाहिए। भैंस के दूध में छह प्रतिशत वसा और नौ प्रतिशत सॉलिड नॉट फैट का मानक निर्धारित होता है। नमूनों की जांच में इस मानक में अंतर आता है तो नमूना फेल हो जाता है।
घर पर पता कर सकते हैं दूध की शुद्धता
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विवेक कुमार बताते हैं कि दूध की शुद्धता घर पर ही पता की जा सकती है। दूध को चिकने फर्श पर डालें तो वह लाइन छोड़ता हुआ बहता है। यदि लाइन नहीं बनी तो मिलावट है। मिलावटी दूध में अजीब सी दुर्गंध भी आती है।
पाउडर और वनस्पति तेल से तैयार हो रहा दूध
खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावट के खिलाफ केवल त्योहारी सीजन में ही अभियान चलाता है। इसके बाद यह अभियान ठंडा पड़ जाता है। एक अनुमान के मुताबिक मुजफ्फरनगर शहर में करीब 300 दूधिया दूध की सप्लाई करते हैं। त्योहारी सीजन में दूध की मांग पूरी करने के लिए ये उसमें पानी और दुग्ध पाउडर की मिलावट करते हैं। फैट बढ़ाने के लिए इसमें वनस्पति तेल मिलाते हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि बीते छह माह में एक नमूने में वनस्पति तेल की मिलावट पाई है। इसे हानिकारक श्रेणी में रखा गया है।
कृत्रिम दूध होता है नुकसानदायक
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. लोकेश गुप्ता बताते हैं कि पाउडर और वनस्पति तेल मिलाकर बनाया गया दूध प्राकृतिक नहीं है। प्राकृतिक दूध में पाए जाने वाले कंटेंट नुकसानदायक नहीं होते, जबकि वनस्पति तेल का गलत प्रभाव शरीर पर पड़ेगा। इससे पेट, हृदय एवं हार्ट से संबंधित रोग हो सकते हैं।
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