मेरठ में सरधना के एक गांव में पूरा परिवार एड्स की चपेट में है। युवक छह वर्ष पूर्व बतौर ट्रक चालक कार्यरत था। उसी दौरान वह एड्स की चपेट में आ गया। हरियाणा के जनपद भिवानी अंतर्गत गांव निवासी फौजी की पुत्री की शादी 12 मार्च 2012 को सरधना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक से हुई थी। उस समय युवक ट्रक पर चालक था। उसके बीमार रहने पर ससुराल वालों ने पत्नी को टीबी से पीड़ित होने की जानकारी दी। एक दिन महिला अपने पति के साथ चिकित्सक के पास गई। वहां चिकित्सक ने उसे एचआईवी पाजिटिव से पीड़ित होने की जानकारी दी। यह सुनकर महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने पूर्व की मेडिकल रिपोर्ट देखी। इसके बाद उसने स्वयं एवं बच्चों का चेकअप कराया। इनमें तीन वर्षीय पुत्री एवं डेढ़ वर्षीय पुत्र है।इसमें तीनों को एचआईवी पाजिटिव होने की पुष्टि हुई। उसका पति बीमारी के चलते बीमार रहने लगा।
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ससुराल वालों ने जानकारी होने पर महिला को दोनों बच्चों के साथ गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया। कुछ समय पूर्व महिला के पिता की मौत हो गई। इस पर उसने अपनी मां और छोटी बहन को बुला लिया। वहीं, महिला ने साफ कर दिया कि वह किसी भी सूरत में ससुराल से नहीं जाएगी। वहीं, महिला का आरोप है कि उसके परिजनों की नजर संपत्ति पर लगी है। जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है। इस मामले में शुक्रवार को महिला मां और बहन के साथ थाने पहुंची। उसने थाने और इसके बाद सीओ को शिकायती पत्र सौंपकर सुरक्षा की गुहार लगाई। सरधना कोतवाली के कार्यवाहक थाना प्रभारी भरतलाल शाह ने बताया कि महिला की शिकायत पर पुलिस को मौके पर भेजकर जांच कराई। इतना ही नहीं सलावा चौकी पुलिस को महिला और उसके बच्चों को सुरक्षा देने की हिदायत दी है।