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खुले द्वार... ईरान को फिर होगा बासमती का निर्यात

Mon, 30 Sep 2019 02:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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rice - फोटो : अमर उजाला
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अंतरराष्ट्रीय उथलपुथल के चलते ईरान के लिए बंद हुए बासमती निर्यात के रास्ते अब एक अक्तूबर से खुलने जा रहे हैं। भारतीय चावल सबसे ज्यादा (33 प्रतिशत) ईरान को ही एक्सपोर्ट किया जाता है। लेकिन तीन माह बाद एक्सपोर्ट वे खुलने से निर्यातक इसे अच्छा संकेत मान रहे हैं।

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इस साल 2019 में भारतीय बासमती में कीटनाशक के प्रयोग को लेकर तो कभी दूसरे कारणों से निर्यात को झटका लगा है। पिछले छह माह से यह समस्या ज्यादा बनी। प्रमुख आयातक देश सऊदी अरब की फूड अथॉरिटी ने भी कीटनाशक मुक्त बासमती के लिए नियमों को काफी सख्त कर दिया था।

साथ ही बिना डीएनए टेस्ट के एक सितंबर 2019 से बासमती लेने पर रोक लगा दी थी। लेकिन नियमों में 31 दिसंबर 2019 तक ढील मिल गई थी। उधर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे गतिरोधों के चलते ईरान में बासमती का 1500 करोड़ रुपये निर्यातकों का फंस गया था। जिसके चलते तीन माह से निर्यात बंद चला आ रहा है। जबकि अन्य देशों में एक्सपोर्ट किया जा रहा है।

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भारत के लिए भरोसेमंद है ईरान
ईरान एक ऐसा देश है, जहां पर सबसे ज्यादा भारतीय चावल का निर्यात किया जाता है। वहां के लोग अन्य जगह से चावल आयात नहीं करते हैं। बड़ी मात्रा में भारत से ही चावल निर्यात किया जाता है। पूर्व में तेल के बदले भी चावल खरीदा गया था।

लेकिन बीच में अंतर्राष्ट्रीय समझौते के चलते इसमें भी बदलाव किया गया था। ऐसे में एक्सपोर्ट बंद होने के कारण भारतीय निर्यातक भी परेशान थे। हालांकि इस बात को लेकर थोड़ी खुशी है कि एक अक्तूबर से फिर एक्सपोर्ट शुरू किया जा रहा है।

नया चावल भी जल्द आएगा बाजार में
देश के एकमात्र सेंटर बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान (बीईडीएफ) मोदीपुरम के प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रितेश शर्मा के अनुसार बासमती की नई वैरायटी का चावल भी अब मार्केट में आने के लिए तैयार है। ऐसे में निर्यात का बंद होना और फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव आना भी निर्यातकों के लिए चिंता का विषय है। बाजार में दाम अच्छे रहेंगे तो किसान और निर्यातक खुश होंगे।

बासमती आयात करने वाले टॉप-20 देश
ईरान, सऊदी अरब, ईराक, यूनाईटेड अरब अमीरात, यमन रिपब्लिक, कुवैत, यूएसए, यूके, ओमान, कतर, कनाडा, जॉर्डन, आस्ट्रेलिया, इजराइल, टर्की, नीदरलैंड, बहरीन, मॉरिशस, मलेशिया, बेल्जियम।
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इन राज्यों में होती है बासमती की खेती
- उत्तर प्रदेश
- हरियाणा
- हिमाचल प्रदेश
- पंजाब
- जम्मू कश्मीर
- दिल्ली
- उत्तराखंड

वर्ष निर्यात आमदनी
2015-16 695310.31 3723.93
2016-17 716582.18 3778.42
2017-18- 877421.55 5829.78
2018-19 1483698.23 10790.02
(ईरान के लिए निर्यात मीट्रिक टन में, आमदनी करोड़ में)

नतीजा सकारात्मक रहेगा
भारतीय बासमती ईरान में सबसे ज्यादा 33 प्रतिशत निर्यात होती है। पिछले तीन माह से बंद निर्यात अब एक अक्तूबर से फिर शुरू हो रहा है। निर्यात के बंद होने से निर्यातकों को चिंता थी। नयी फसल भी जल्द बाजार में आ जाएगी। पूर्व में फंसी 1500 करोड़ को लेकर भी नतीजा सकारात्मक रहेगा। -डॉ. रितेश शर्मा, प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक बीईडीएफ मोदीपुरम
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