मेरठ। अभिनेता मुश्ताक खान से दो लाख और कॉमेडियन सुनील पाल को अगवा करके आठ लाख की फिरौती बदमाशों ने वसूली है। बदमाशों ने अपहरण कांड को अंजाम देने के बाद वैष्णो देवी के दर्शन किए और फिर शॉपिंग में पैसा खर्च किया है। पूछताछ में आरोपियों ने अपहरण में मिले पैसे के खर्च होने की कहानी पुलिस को बताई। उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों के पास अभी चार लाख रुपये बचे हैं। उनको जल्द गिरफ्तार नहीं किया तो सारा पैसा खर्च हो जाएगा।
फर्जी इवेंट कंपनी बनाकर मुंबई के कलाकारों को अगवा कर फिरौती वसूली करने में बिजनौर के आठ बदमाशों के नाम सामने आए हैं। इनमें से तीन बदमाश अर्जुन, आजिम और सैफू से पुलिस पूछताछ कर रही है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 20 नवंबर को मुश्ताक और दो दिसंबर को सुनील पाल का अपहरण किया है। दोनों से करीब 10 लाख की फिरौती वसूली है। दोनों वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी लवी, अर्जुन सहित अन्य बदमाशों ने जम्मू कश्मीर में वैष्णो देवी के दर्शन किए। बदमाशों ने शॉपिंग भी की और फिर अलग-अलग हो गए। फरार आरोपी कहां है, जिसके बारे में तीनों आरोपी ने जानकारी ना होने की बात कही है। हालांकि अपहरण की चार लाख की रकम फरार आरोपियों के पास बचना बताया है।
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आईएएस अधिकारी को बताया, तब मुश्ताक का मुकदमा लिखा
मेरठ। अभिनेता मुश्ताक खान के अपहरण के मामले में बिजनौर पुलिस की लापरवाही सामने आई है। अपहरण के बाद बदमाश मुश्ताक को बिजनौर लेकर आए। बंधक बनाकर रखा और दो लाख की फिरौती भी वसूली कर ली। अन्य रकम आनी थी, इससे पहले मुश्ताक बदमाशों की चुंगल से छूटकर भाग गए। मुंबई पहुंचने के बाद मुश्ताक ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया। बिजनौर में अपने करीबी को पुलिस के पास भी भेजा, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। घटना के 20 दिन बाद यानी आठ दिसंबर को उत्तर प्रदेश से एक आईएएस अधिकारी अपने निजी काम से मुंबई गए थे। जहां पर मुश्ताक ने आईएएस अधिकारी को अपहरण कांड की कहानी सुनाई। आईएएस ने नगीना एसडीएम से फोन किया और सीओ सिटी बिजनौर से संपर्क साधा। एसपी बिजनौर से आईएएस अधिकारी ने बात की, तब जाकर 9 दिसंबर को बिजनौर में मुश्ताक के अपहरण का मुकदमा हुआ। मुश्ताक के अपहरण में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है।