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Meerut: कोरोना में नौकरी गई तो नहीं हारे हौसले, फुटबॉल को बनाया मिशन, अब 100 बच्चों को दे रहे नई पहचान

Sat, 06 Jun 2026 04:14 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के युवा फुटबॉल प्रशिक्षक प्रिंस ने कोरोना काल में नौकरी जाने के बाद एबीसीडी फुटबॉल क्लब को नई पहचान दी। आज क्लब में 100 से अधिक खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं और टीम 25 से ज्यादा ट्रॉफियां जीत चुकी है।

 

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फुटबॉल क्लब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कई लोग मुश्किल परिस्थितियों में हार मान लेते हैं, लेकिन मेरठ के युवा फुटबॉलर प्रिंस ने विपरीत हालात को ही अपनी ताकत बना लिया। कोरोना काल में नौकरी छूटने के बाद उन्होंने फुटबॉल को ही अपना भविष्य बनाया और बच्चों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया। आज उनका एबीसीडी फुटबॉल क्लब शहर के उभरते खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत मंच बन चुका है।

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कोरोना काल की चुनौती बनी नई शुरुआत
मेरठ के रजबन कैंट निवासी प्रिंस दिल्ली की एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। कोरोना काल के दौरान उनकी नौकरी चली गई। लॉकडाउन के बाद उन्होंने घर के आसपास बच्चों को फुटबॉल सिखाना शुरू किया। धीरे-धीरे यह प्रयास एक बड़े अभियान में बदल गया और उन्होंने एबीसीडी फुटबॉल क्लब को विकसित किया। शुरुआत कुछ बच्चों से हुई थी, लेकिन आज क्लब में 100 से अधिक बच्चे नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं।

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25 से अधिक ट्रॉफियों पर जमाया कब्जा
प्रिंस ने बताया कि उनकी टीम ने पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। वर्ष 2024-25 में क्लब ने जिला फुटबॉल लीग का खिताब अपने नाम किया। इसके अलावा जगन सिंह तोमर अखिल भारतीय प्रतियोगिता में टीम उपविजेता रही। गाजियाबाद की अंडर-15 प्रतियोगिता में भी क्लब ने जीत हासिल की। सांसद खेल महोत्सव में महिला वर्ग की टीम विजेता बनी, जबकि मेरठ महोत्सव में टीम उपविजेता रही। क्लब के खाते में अब 25 से अधिक ट्रॉफियां दर्ज हैं।

महिला खिलाड़ियों को भी मिल रहा मंच
प्रिंस केवल पुरुष खिलाड़ियों तक सीमित नहीं हैं। वह विभिन्न सरकारी और निजी महाविद्यालयों में महिला खिलाड़ियों को भी प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में कई छात्राएं जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। उनका कहना है कि खेल के क्षेत्र में बेटियां भी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और उन्हें सही अवसर मिलना चाहिए।
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अनुभवी खिलाड़ियों का भी मिल रहा सहयोग
क्लब में पूर्व संतोष ट्रॉफी और डीसीएम ट्रॉफी खिलाड़ी वेद प्रकाश भी बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। 74 वर्ष की उम्र में भी उनका उत्साह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।

पढ़ाई के साथ खेल में भी बना रहे भविष्य
सेंट जोजफ कॉलेज के छात्र अमित जैसे कई युवा खिलाड़ी क्लब से जुड़कर अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं। वहीं आरजी कॉलेज की छात्रा शानवी महिला वर्ग में गोलकीपर के रूप में खेल रही हैं और विभिन्न प्रतियोगिताओं में मेरठ का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। क्लब का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं, बल्कि युवाओं को खेलों के माध्यम से अनुशासन, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की दिशा देना भी है।
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