दीपा का शव जलती चिता से निकालने का मामला दावों और आरोपों में उलझ गया है। परिजनों ने पुलिस पर ही आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि उसे शव चिता से ही निकालना था तो उसे श्मशान घाट ले जाने को क्यों कहा था। खुद शव को घर से पोस्टमार्टम के लिए क्यों नहीं भेजा।
दीपा की मां राजवती और परिजनों ने बताया कि हमारी खबर पर जब पुलिस पहुंची थी तो हमने पुलिस को सारी बात बताई थी। पुलिस ने घर के फोटो भी कराए थे। लेकिन किसी पचड़े में न पड़ने की बात कहकर कोई कागजी कार्रवाई नहीं की थी। पुलिस की सहमति से ही हम शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर गए थे। परिजनों ने सवाल किया कि पुलिस ने किसकी शिकायत पर ऐसा किया है। उनकी बेटी मरी है और उनका ही बेटा पुलिस ले गई आखिर क्यों ? परिजनों के आरोपों से पुलिस घिरती नजर आ रही है।
वहीं, इंस्पेक्टर टीपी नगर का कहना है कि हो सकता है कि कोई फैंटम सिपाही वहां गया होगा तो इसकी जानकारी की जा रही है। लेकिन अंतिम संस्कार को पुलिस ने नहीं कहा था। हालांकि मोहल्ले में जानकारी करने पर यही पता चला है कि युवती ने कमरा बंद करके फांसी लगाई है। मामला संदिग्ध है इसलिए मौत की वजह जानने के लिए शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। दीपा की शादी या तलाक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। किसी तरह की लिखित शिकायत भी परिजनों ने नही की है।
एमए पास थी दीपा
परिजनों के अनुसार दीपा एमए पास थी और बीएड का फार्म भरा था। परिवार में तीन भाई और एक बहन है। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है।