चेयरपर्स-सभासद विवाद : सभासद भी धरने पर बैठे, चेयरपर्सन-ईओ ने वार्ता कर दोनों पक्षों को मनाया
-दोनों पक्षों ने रखी अपनी बात, मिला कार्रवाई का भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। नगर पंचायत कर्मियों और सभासदों के बीच चल रहा विवाद सोमवार की सुबह और गहरा गया। कर्मचारियों के धरने के बाद सभासद भी नगर पंचायत के सभासद भी नगर पंचायत कार्यालय के गेट पर धरना देकर बैठ गए। मामला गर्माता देख चेयरपर्सन ने पहुंचकर दोनों पक्षों से बात की। हंगामी माहौल में काफी देर बाद दोनों पक्षों में सहमति के बाद दोनों पक्षों ने धरना समाप्त किया। कर्मचारियों ने भी हड़ताल समाप्त कर दी।
दो दिन पूर्व नगर पंचायत कर्मी और सभासदों के बीच विवाद होने से कर्मियों ने सभासदों के खिलाफ थाने पर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई न होने का आरोप लगाकर नगर पंचायतकर्मी रविवार को हड़ताल पर चले गए और नगर पंचायत कार्यालय में धरना शुरू कर दिया था। कस्बे की सफाई भी ठप हो गई थी। सोमवार को वार्ड एक के सभासद प्रदीप नागर के नेतृत्व में विभिन्न वार्डों के करीब दस सभासद दर्जनों महिलाओं पुरुषों के साथ नगर पंचायत की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। दोनों तरफ से तनातनी देख चेयरपर्सन सुधा खटीक एवं अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार नगर पंचायत पहुंचे। उन्होंने सभासद और नगर पंचायत कर्मियों के बीच हुए विवाद की जानकारी ली।
इसके बाद चेयरपर्सन सुधा खटीक ने धरने पर बैठे सभासदों से बातचीत की लेकिन सभासदों ने नगर पंचायत की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच चेयरपर्सन और सभासदों के बीच तीखी बहस हुई। धरना प्रदर्शन के दौरान मौजूद सभासदों ने भी चेयरपर्सन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। चेयरपर्सन ने सभासदों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि सभी बिंदुओं पर विचार किया जाएगा। नगर पंचायत कर्मियों को भी चेयरपर्सन ने भरोसा दिया कि उन्हें भी पूरा मान सम्मान दिया जाएगा। सभासदों द्वारा उनके साथ अच्छा व्यवहार रहेगा। इसके बाद नगर पंचायत कर्मी भी सहमत हो गए। घंटों चले बातचीत के सिलसिले के बाद नगर पंचायत कर्मी और सभासद धरना समाप्त करने को तैयार हुए और धरना समाप्त हुआ। इसके बाद चेयरपर्सन ने कर्मचारियों से भी कार्य पर लौटने और नगर के हित में सहयोग करने की अपील की।
विकास कार्यों पर सवाल उठाना उचित नहीं : चेयरपर्सन
हस्तिनापुर। चेयरपर्सन ने कहा कि जितने काम उनके कार्यकाल में हुए हैं उतने पिछले 15 वर्षों में भी नहीं हुए। नगर में सड़कों, नालियों, पेयजल व्यवस्था, सफाई, स्ट्रीट लाइट सहित कई बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। इसके बावजूद कुछ लोग राजनीतिक दुर्भावना के चलते विकास कार्यों पर सवाल खड़े कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
सभासदों ने यह रखी मांग
सभासदों ने अपने वार्ड में चौराहों पर हाईमास्क लाइट लगाने। प्रभातनगर तिराहे पर दोबारा से वाटर कूलर लगवाने की मांग की। गोशाला निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग होने का आरोप लगाते हुए उसकी जांच कराने की मांग की। उनके वार्ड में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के अंतर्गत नगर पंचायत में कितना पैसा आया, उसका लेखा जोखा बोर्ड के समक्ष रखने की मांग की। राज्यवित्त एवं 15वें वित्त में व्यय हुई धनराशि का लेखा जोखा बोर्ड के सामने रखा जाए। अब तक कितनी सडकों का निर्माण हुआ और प्रत्येक सड़क का एस्टीमेट व व्यय धनराशि का ब्यौरा बोर्ड के सामने रखा जाए सहित 19 मांगो का ज्ञापन चेयरपर्सन को दिया। सभासदों ने चेताया कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वह एक महीने बाद धरना देने के लिए फिर बाध्य होंगे।
सभासदों द्वारा दिए गए धरने में बैठकर बातचीत करती चेयरपर्सन सुधा खटीक स्रोत संवाद