संवाद न्यूज एजेंसी
माछरा। माहे रमजान का पाक महीना शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को पहला रोजा अकीतमंदों ने रखा। करीब 22 साल बाद ऐसा अवसर आया है कि जब रमजान ठंड के मौसम में शुरू हुए हैं।
हाफिज शफीक अहमद और इमाम रईस मलिक आदि उलमाओं ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2004 में रमजान माह शरद मौसम में आया था। इसके बाद से लगातार यह गर्मी के महीने में आ रहा है। वर्ष 2005 से 2025 तक रोजेदारों ने भीषण गर्मी, लू और उमस के बीच लंबे समय तक रोजे रखे। कई बार रोजे की अवधि 17 से 18 घंटे तक पहुंच गई थी। रोजेदारों को प्यास और थकान का सामना करना पड़ा था। इस बार सर्द मौसम में रमजान आने से रोजेदारों को काफी राहत मिलेगी।
उलमा का कहना है कि रमजान इस्लामिक हिजरी कैलेंडर का नवा महीना होता है। इस्लामिक कैलेंडर चांद की गति पर आधारित होता है जिसमें 12 चांद महीने में होते हैं। हर महीना चांद देखने से शुरू होता है और 29 या 30 दिन का महीना होता है। रमजान हर साल अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 10 से 12 दिन पहले खिसक जाता है। करीब 33 साल में पूरा मौसम चक्र पूरा करता है। रमजान माह के रमजान के पहले दिन बृहस्पतिवार को छोटे-बड़े एवं महिलाओं ने रोजा रखने में दिलचस्पी दिखाई।