सीसीएसयू से संबद्ध सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में फीस के नाम पर हो रही लूट अब नहीं हो सकेगी। जो कॉलेज अब तक लैपटॉप व अन्य सामान के नाम पर चार गुना तक फीस वसूल रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विवि प्रशासन ने कहा कि छात्र-छात्राएं संस्थान से फीस की रसीद लें। नोएडा और गाजियाबाद के कई कॉलेज तो एलएलबी जैसे कोर्स की फीस चार से पांच गुना (एक से डेढ़ लाख तक) तक वसूली जा रही है।
सीसीएसयू से संबद्ध सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में मनमानी फीस वसूली के मामले में गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। इनमें आईएमएस गाजियाबाद, आईएमएस नोएडा, हरनेक कॉलेज गाजियाबाद, इनमैनटेक कॉलेज गाजियाबाद और आईटीएस मोहननगर पर आरोप लगे थे। याची का कहना था कि चौधरी चरण सिंह विवि मेरठ से संबद्ध कॉलेजों में मनमानी फीस वसूली जा रही है। जबकि विवि ने फीस निर्धारित है। याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने विवि को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था।
विवि की जांच में सामने आया था कि कॉलेज विवि से निर्धारित फीस के अलावा बाकी फीस को लैपटॉप और दूसरे मदों में जोड़ रहे थे। जबकि छात्र-छात्राओं को ऐसी कोई सुविधा नहीं मिल रही थी। कुलपति प्रो. एनके तनेजा के निर्देश पर विवि प्रशासन ने सख्ती की है। स्पष्ट किया कि किसी भी कॉलेज में कोर्स फीस के अलावा लैपटॉप और दूसरी चीजों के नाम पर वसूली नहीं की जाएगी। अधिक फीस वसूलने वालों की शिकायत विवि में करें। उनकी संबद्धता खत्म की जाएगी। विवि ने सभी कॉलेजों को भी निर्देश जारी किए हैं।