दारुल उलूम प्रशासन ने परिसर में सफाई और सजावट का कार्य शुरू कर दिया है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस और खुफिया विभाग सतर्क हैं। दिल्ली स्थित अफगान दूतावास के अधिकारी शुक्रवार को देवबंद पहुंचे और संस्था के जिम्मेदारों से मुलाकात कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि दारुल उलूम के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। अफगान विदेश मंत्री आ रहे हैं, उनका स्वागत किया जाएगा।
इस उच्चस्तरीय दौरे के चलते देवबंद में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और स्थानीय अधिकारियों को चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में जब अमिर खान मुत्ताकी से ये पूछा गया कि वे देवबंद क्यों जाएंगे। तो उन्होंने कहा कि देवबंद एक बड़ा इस्लामी मरकज़ है। तालीमी मरकज़ है। अफगानिस्तान और देवबंद दीनी रूप से जुड़े हुए हैं। हम चाहते हैं कि संबंध बढ़ें।